किसानों के खाते में पहुंचेगी समृद्धि की नई किश्त, पीएम मोदी आ ज जारी करेंगे किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त

new installment Kisan Samman Nidhi

खेती को आर्थिक संबल, किसानों को नई राहत

मध्यप्रदेश के लाखों किसानों के लिए शनिवार का दिन राहत और विश्वास लेकर आने वाला है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 20 जून को पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के तारकेश्वर से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किश्त जारी करेंगे। इसके साथ ही प्रदेश के 81 लाख से अधिक किसान परिवारों के बैंक खातों में लगभग 1,640 करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित की जाएगी।

केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना किसानों को खेती-किसानी के खर्चों में सहायता देने और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचने से पारदर्शिता और प्रभावशीलता भी सुनिश्चित हुई है।

2019 से किसानों के लिए सुरक्षा कवच बनी पीएम-किसान योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में देश के छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6 हजार रुपये की सहायता तीन समान किश्तों में सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इस योजना ने किसानों को बीज, उर्वरक, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया है। समय पर मिलने वाली यह राशि किसानों के लिए खेती के मौसम में बड़ी मदद साबित होती है।

मप्र में अब तक करीब 33 हजार 800 करोड़ रुपये का लाभं के किसानों को मिल चुका है

पीएम-किसान योजना के तहत जारी होने वाली 23वीं किश्त के साथ मध्यप्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल रहेगा जहां सबसे अधिक किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। अब तक जारी 22 किश्तों के माध्यम से मध्यप्रदेश के किसान परिवारों को लगभग 33 हजार 800 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। यह राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंची है, जिससे उन्हें आर्थिक रूप से मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना से दोगुना हुआ लाभ

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना लागू की है। इस योजना के तहत भी पात्र किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इस प्रकार केंद्र सरकार की पीएम-किसान योजना और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना को मिलाकर किसानों को हर वर्ष कुल 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। यह मॉडल किसानों की आय में सहयोग बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

56,240 करोड़ रुपये से मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के संयुक्त प्रभाव का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दोनों योजनाओं के माध्यम से अब तक प्रदेश के किसानों को कुल 56 हजार 240 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। यह राशि केवल किसानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण बाजारों, कृषि उपकरणों की खरीद, बीज-उर्वरक व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करने में सहायक बनी है।

डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता, खत्म हुई बिचौलियों की भूमिका

दोनों योजनाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि सहायता राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे किसी प्रकार की अनियमितता या बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। सरकार का मानना है कि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली ने योजनाओं की विश्वसनीयता बढ़ाई है और पात्र किसानों तक लाभ समय पर पहुंचाना संभव बनाया है।

कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार दोनों का फोकस किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादन में सुधार और ग्रामीण विकास को गति देने पर है। आर्थिक सहायता की ये योजनाएं किसानों को खेती की लागत वहन करने में मदद कर रही हैं और उन्हें साहूकारों या अनौपचारिक ऋण स्रोतों पर निर्भरता कम करने का अवसर दे रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जारी की जाने वाली पीएम-किसान योजना की 23वीं किश्त मध्यप्रदेश के 81 लाख से अधिक किसान परिवारों के लिए आर्थिक राहत का नया अध्याय लेकर आएगी। 1,640 करोड़ रुपये की यह राशि किसानों के खातों में पहुंचकर खेती-किसानी को नई ऊर्जा देगी। वहीं, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के साथ मिलकर किसानों को सालाना 12 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था प्रदेश में कृषि और ग्रामीण विकास को मजबूत आधार प्रदान कर रही है।

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