लोकसभा में 2 बजे बड़ा बयान, वैश्विक हालात पर नजर
संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान आज दोपहर 2 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में अहम संबोधन देने वाले हैं। माना जा रहा है कि पीएम वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध पर भारत की रणनीति स्पष्ट करेंगे। इस मुद्दे पर सरकार की प्राथमिकता देश की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना है।
युद्ध के कारण तेल सप्लाई पर खतरा, भारत ने बढ़ाई तैयारी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य टकराव के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्ध के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही प्रभावित की, जहां से दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई गुजरती है। इससे वैश्विक बाजार में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई है।
सुरक्षा पर CCS की अहम बैठक, जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर फोकस
प्रधानमंत्री ने हाल ही में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक कर हालात की समीक्षा की। बैठक में पेट्रोल-डीजल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म रणनीति पर चर्चा की गई। सरकार का प्रयास है कि अंतरराष्ट्रीय संकट का असर आम लोगों पर कम से कम पड़े।
28 फरवरी से शुरू हुआ युद्ध, कई बड़े घटनाक्रम
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद संघर्ष तेजी से बढ़ा। शुरुआती हमलों में ईरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाया गया, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमले किए। इस टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा दिया है और कई देशों की सुरक्षा रणनीति प्रभावित हुई है।
भारत की नीति: संतुलन, कूटनीति और ऊर्जा सुरक्षा पर जोर
भारत की नीति हमेशा संतुलित कूटनीति पर आधारित रही है। सरकार ने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील की है। साथ ही ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक आपूर्ति चैनल मजबूत करने पर भी काम किया जा रहा है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव कम किया जा सके।