Petrol, Diesel Prices On July 3: मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और अन्य शहरों में ईंधन के नए दाम देखें

Petrol Diesel Prices

Petrol, Diesel Prices On July 3: अमेरिका और ईरान के बीच जियोपॉलिटिकल तनाव बहुत कमी आई है। कच्चे तेल की कीमतें युद्ध से पहले के स्तर पर आ गई हैं, और कमर्शियल ग्राहकों को पेट्रोल और डीजल बेचने पर लगी पाबंदियां हटा ली गई हैं।

अमेरिका-ईरान के बीच चार महीने से चल रहे तनाव के खत्म होने की संभावना के साथ, सबकी नज़रें इस बात पर हैं कि क्या रिटेल फ्यूल की कीमतों में कटौती होगी। हालांकि, शुक्रवार, 3 जुलाई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां नुकसान में है
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है, “इस समय फ्यूल की कीमतें कम करने की बात करना सही नहीं है।” उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में पेट्रोल की कीमतों में केवल 5.58% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि इसी अवधि में डीजल की कीमतों में 6.23% की बढ़ोतरी हुई है।

पुरी ने कहा कि सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs) अभी भी लगभग 2.18 लाख करोड़ रुपये के कुल नुकसान (अंडर-रिकवरी) से जूझ रही हैं और उनके पास अभी भी वह स्टॉक मौजूद है जो कच्चे तेल की कीमतें काफी अधिक होने पर खरीदा गया था।

3 जुलाई को देश के बड़े शहरों में पेट्रोल डीजल की कीमतें
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत: ₹102.12/लीटर, कोलकाता में पेट्रोल की कीमत: ₹113.51 प्रति लीटर
मुंबई में पेट्रोल की कीमत: ₹111.21/लीटर और चेन्नई में पेट्रोल की कीमत: ₹108.01 प्रति लीटर है।
वहीं 3 जुलाई को डीजल की कीमतों की बात करें तो
दिल्ली में डीजल की कीमत: ₹95.20/लीटर, कोलकाता में डीजल की कीमत: ₹99.82 प्रति लीटर देश की आर्थिक कैपिटल मुंबई में डीजल की कीमत: ₹97.83/लीटर और वहीं
चेन्नई में डीजल की कीमत: ₹99.66 प्रति लीटर है।
जानें क्या है ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें
शुक्रवार को तेल की कीमतों में थोड़ी गिरावट आई क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से कच्चे तेल की सप्लाई में सुधार जारी रहा, जिससे सप्लाई में रुकावट की चिंताएं कम हुईं। साथ ही, निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय के शांति समझौते के लिए चल रही बातचीत पर भी नज़र बनाए हुए थे।

ब्रेंट क्रूड $71 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) $68 के आसपास बना हुआ था; दोनों बेंचमार्क लगातार चौथे हफ़्ते गिरावट की ओर बढ़ रहे थे। अगर ऐसा होता है, तो यह अगस्त 2024 के बाद से ब्रेंट के लिए लगातार हफ़्तों में गिरावट का सबसे लंबा दौर होगा।

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