भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार को सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन मजबूत शुरुआत करते हुए निवेशकों का भरोसा बढ़ा दिया। घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल देखने को मिला, जिसके चलते शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों ने शानदार बढ़त दर्ज की। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों के बावजूद भारतीय बाजार की मजबूती निवेशकों के लिए राहत लेकर आई।
सेंसेक्स और निफ्टी ने मजबूत शुरुआत के साथ निवेशकों में भरा उत्साह
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 650 अंकों की तेजी के साथ 78,152 के स्तर पर खुला। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 भी 199.95 अंक चढ़कर 24,375 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। बैंकिंग, ऑटो और चुनिंदा ब्लूचिप शेयरों में खरीदारी से बाजार को मजबूती मिली, जबकि निवेशकों का रुझान सकारात्मक बना रहा।
एशियाई बाजारों में कमजोरी के बावजूद भारतीय बाजार ने दिखाई मजबूती
शुक्रवार को एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई-225 1.03% टूट गया, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट 2.03% की गिरावट के साथ 4,028.90 अंक पर पहुंच गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी भी 0.8% कमजोर रहा। हालांकि हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 0.76% की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा, जबकि टॉपिक्स में 0.34% की तेजी दर्ज की गई।
अमेरिकी बाजार में डाऊ जोन्स ने बनाया नया रिकॉर्ड, टेक शेयरों में रही कमजोरी
गुरुवार को वॉल स्ट्रीट का प्रदर्शन मिश्रित रहा। डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.14% की मजबूती के साथ 52,900.07 के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर सेमीकंडक्टर कंपनियों में बिकवाली के कारण नैस्डैक 0.80% फिसल गया। S&P 500 मामूली बढ़त के साथ 7,483.24 पर बंद हुआ। अमेरिका में 3 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शेयर बाजार और बॉन्ड मार्केट बंद रहेंगे।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, डॉलर इंडेक्स में हल्की मजबूती दर्ज
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर गिरावट देखने को मिली। WTI क्रूड फ्यूचर्स 0.39% गिरकर 68.42 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं ब्रेंट क्रूड अगस्त डिलीवरी के लिए 71.55 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है, जो 75 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बना हुआ है। COMEX पर भी क्रूड की कीमत 68.42 डॉलर प्रति बैरल रही।
डॉलर मजबूत हुआ, रुपये पर बना दबाव
विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.13% बढ़कर 100.98 पर पहुंच गया। यह इंडेक्स प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को दर्शाता है। वहीं भारतीय रुपया 2 जुलाई को डॉलर के मुकाबले 0.15% कमजोर होकर 95.39 पर बंद हुआ, जिससे आयात आधारित क्षेत्रों पर दबाव बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
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