Ketan Agarwal Murder Case:सिया ने कैमरे के सामने दिखाई मिडिल फिंगर…तीसरे युवक की एंट्री से जांच ने पकड़ी नई दिशा

Sia showed the middle finger

कैमरों के सामने सिया का विवादित व्यवहार बना चर्चा का विषय

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। गुरुवार को जब पुलिस मुख्य आरोपी सिया गोयल को जांच के सिलसिले में उसके घर और अन्य स्थानों पर लेकर पहुंची, तब मीडिया के कैमरे पहले से मौजूद थे। इसी दौरान सिया ने कैमरों की ओर मिडिल फिंगर दिखाकर इशारा किया। केतन अग्रवाल हत्याकांड:सिया ने कैमरे के सामने दिखाई मिडिल फिंगर…तीसरे युवक की एंट्री से जांच ने पकड़ी नई दिशा। सिया का वीडियो सोशल मीडिया पर भी बहुत तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने केतन अग्रवाल मर्डर केस मामले को एक बार फिर ​मीडिया की सुर्खियों में लाकर खड़ा कर दिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस तरह के व्यवहार पर कोई भी आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। पुलिस का का पूरा ध्यान केवल हत्या की जांच पर केंद्रित है।

जांच में तीसरे युवक की एंट्री, पुलिस के लिए बन सकता है अहम गवाह

जांच के दौरान अब एक तीसरे युवक का नाम सामने आया है, जिसे पुलिस इस मामले की महत्वपूर्ण कड़ी मान रही है। सूत्रों के अनुसार, यह युवक मुख्य आरोपी चेतन चौधरी का क्लासमेट है और मूल रूप से महाराष्ट्र के बीड जिले का रहने वाला है। वर्तमान में वह पुणे के बालेवाड़ी स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत है। जांच एजेंसियों को जानकारी मिली है कि कथित रूप से चेतन और सिया ने इस युवक को केतन अग्रवाल को रास्ते से हटाने की अपनी योजना के बारे में पहले ही बताया था। इतना ही नहीं, उसे 18 जून को लोहागढ़ किले पर साथ चलने का प्रस्ताव भी दिया गया था, लेकिन उसने उनके साथ जाने से इनकार कर दिया। पुलिस अब उसके बयान और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का मिलान कर रही है।

‘योजना छोड़ दो’ की सलाह देने का दावा, डिजिटल सबूत खंगाल रही पुलिस

सूत्रों के मुताबिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तीसरे युवक ने कथित तौर पर सिया और चेतन को इस योजना पर आगे नहीं बढ़ने की सलाह दी थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसे कथित साजिश की कितनी जानकारी थी और घटना के बाद आरोपियों से उसकी क्या बातचीत हुई। जांच में यह दावा भी सामने आया है कि केतन की मौत के बाद चेतन सबसे पहले इसी युवक से मिला था और बाद में सिया ने भी उससे संपर्क किया। इन दावों की पुष्टि के लिए पुलिस कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल चैट, लोकेशन डेटा और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कर रही है। फिलहाल इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

रिहर्सल वाले स्थान पर पहुंची पुलिस, घटनाक्रम को जोड़ने की कोशिश

पुणे ग्रामीण पुलिस ने जांच के दौरान सिया गोयल को उस स्थान पर भी ले जाकर घटनाक्रम का पुनर्निर्माण कराया, जहां पुलिस के अनुसार कथित रूप से पहले अभ्यास किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक यह स्थान पुणे के लुल्लानगर इलाके में एक क्लब के पास स्थित है।

पुलिस का दावा है कि सिया ने उस स्थान की पहचान की, जहां कथित तौर पर किसी व्यक्ति को चट्टान से धक्का देने की योजना का अभ्यास किया गया था। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह कथित रिहर्सल कब हुई, उस समय वहां कौन मौजूद था और क्या उसके समर्थन में कोई स्वतंत्र साक्ष्य उपलब्ध हैं। इसी उद्देश्य से घटनास्थल का पुनर्निर्माण कर सभी तथ्यों का मिलान किया जा रहा है।

पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी, फोरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी जांच

जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुणे ग्रामीण पुलिस ने वडगांव मावल अदालत में सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी है। पुलिस का कहना है कि अदालत की स्वीकृति और दोनों आरोपियों की सहमति मिलने के बाद ही यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पॉलीग्राफ टेस्ट का उद्देश्य पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों के बीच सामंजस्य की जांच करना है।

इसी बीच पुलिस ने सिया के पुणे स्थित घर की तलाशी के दौरान वे कपड़े भी जब्त किए हैं, जिन्हें जांच एजेंसियों के अनुसार उसने 18 जून को पहना था। इन कपड़ों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। इसके अलावा मोबाइल फोन, लोकेशन डेटा, कॉल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का भी विस्तृत विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और हर नए साक्ष्य के आधार पर घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन तैयार की जा रही है। मामले में सामने आ रहे कई दावे अभी जांच के दायरे में हैं और उनकी पुष्टि फोरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्यों तथा अदालत में प्रस्तुत होने वाले सबूतों के आधार पर ही होगी।

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