सरकार ने साफ किया कि पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है
25 मार्च 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ईंधन के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) की संयुक्त सचिव Sujata Sharma ने कहा कि कीमतों को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर भरोसा न करें। उन्होंने बताया कि देश में ईंधन की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है और उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
26 राज्यों को 22 हजार टन कमर्शियल LPG आवंटित, गैस सप्लाई को लेकर सरकार ने दी जानकारी
सरकार के अनुसार 26 राज्यों को अब तक करीब 22,000 टन कमर्शियल LPG उपलब्ध कराया जा चुका है। इससे बाजार में गैस की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिली है। मंत्रालय का कहना है कि गैस वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसी भी क्षेत्र में आपूर्ति प्रभावित न हो।
पिछले 25 दिनों में 2.5 लाख नए PNG कनेक्शन जारी कर गैस नेटवर्क विस्तार पर जोर
सरकार पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क को तेजी से बढ़ाने पर काम कर रही है। पिछले 25 दिनों में लगभग 2.5 लाख नए PNG कनेक्शन जारी किए गए हैं। इसका उद्देश्य घरों तक स्वच्छ ईंधन पहुंचाना और LPG पर निर्भरता को कम करना है। अधिकारियों का कहना है कि PNG नेटवर्क के विस्तार से उपभोक्ताओं को लगातार गैस उपलब्ध हो सकेगी और सप्लाई बाधित होने की संभावना कम होगी।
जहां PNG उपलब्ध है वहां LPG कनेक्शन बंद करने का नियम लागू करने की तैयारी
सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है जिसके तहत जिन क्षेत्रों में PNG कनेक्शन उपलब्ध है वहां घरेलू LPG सप्लाई धीरे-धीरे बंद की जा सकती है। इस नीति का उद्देश्य एक ही ईंधन पर निर्भरता कम करना और गैस वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है। इससे पाइप्ड गैस नेटवर्क के विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा।
अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम का असर तेल बाजार पर, वैश्विक स्तर पर कीमतों में नरमी के संकेत
वैश्विक स्तर पर तेल बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। खबरों के अनुसार अमेरिका द्वारा ईरान को संघर्ष विराम से जुड़ा प्रस्ताव दिए जाने की चर्चा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व क्षेत्र में स्थिति स्थिर होती है तो तेल सप्लाई में सुधार हो सकता है, जिसका असर भारत सहित कई देशों पर देखने को मिल सकता है।