सोमवार, 15 जून को पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं हुआ है। अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से, ईंधन की कीमतों में चार बार बढ़ोतरी की गई है। पिछली बार कीमतों में क्रमशः ₹2.6 और ₹2.7 प्रति लीटर की बढ़ोतरी पिछले महीने की गई थी। अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से कीमतों में ₹7.5-8 की बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिसका तेल मार्केटिंग कंपनियों पर काफी असर पड़ा है।
सरकारी तेल कंपनियों को हो रहा है घाटा
इस वैश्विक संकट के दौरान सरकारी तेल कंपनियों को हर दिन ₹1,600-1,700 करोड़ का नुकसान हुआ है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक ये नुकसान पिछले 10 हफ़्तों में ₹1 लाख करोड़ से ज़्यादा है। ग्राहकों को एक बार फिर ईंधन के खर्च में भारी बढ़ोतरी का सामना करना पड़ रहा है; कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें ₹114 प्रति लीटर तक पहुँचने वाली हैं, जिससे अलग-अलग राज्यों में ईंधन की कीमतों में बढ़ता अंतर साफ़ दिखाई दे रहा है।
15 जून को पेट्रोल की कीमतें
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत: ₹102.12/लीटर मिल रहा है।
कोलकाता में एक लीटर पेट्रोल की कीमत: ₹113.51/ है। वहीं
मुंबई में पेट्रोल की कीमत: ₹111.21/लीटर और चेन्नई में पेट्रोल की कीमत: ₹108.01/लीटर
वहीं डीजल की बात करें तो दिल्ली में डीज़ल की कीमत : ₹95.20/लीटर, कोलकता में ₹99.82/ का एक लीटर डीजल मिल रहा है। मुंबई में डीज़ल की कीमत : ₹97.83/लीटर वहीं
चेन्नई में एक लीटर डीज़ल के लिए आज 15 जून को ₹99.66/ देने होंगे।
ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में कमी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यह कहने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आई कि वॉशिंगटन ने ईरान के साथ एक समझौता पूरा कर लिया है। इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) फिर से खुल जाएगा, जो ग्लोबल क्रूड शिपमेंट के लिए एक अहम रास्ता है।
जुलाई डिलीवरी के लिए WTI क्रूड फ्यूचर्स 4.77% गिरकर $80.83 प्रति बैरल हो गए, जबकि अगस्त डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स लगभग 4% गिरकर $83.77 प्रति बैरल हो गए।
तेल की कीमतों में यह गिरावट उस ट्रेंड का हिस्सा थी जिसमें ट्रेडर इस संकेत पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि होर्मुज जलडमरूमध्य से एनर्जी सप्लाई में लंबे समय से चली आ रही रुकावट कम हो सकती है।
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है।” उन्होंने कहा कि होर्मुज बिना किसी टोल सिस्टम के फिर से खुल जाएगा और अमेरिका ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी खत्म कर देगा।