स्थानीय समयानुसार,9 अक्टूबर को, 2026 यूनेस्को बालिका एवं महिला
शिक्षा पुरस्कार समारोह फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित किया गया।
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की पत्नी एवं यूनेस्को की बालिका एवं महिला शिक्षा
के लिए विशेष दूत फंग लीयुआन ने समारोह में वीडियो संदेश के माध्यम से
संबोधित किया।
फंग लीयुआन ने मोरक्को और पेरू के पुरस्कार विजेता संगठनों को बधाई
दी। उन्होंने कहा कि बालिका एवं महिला शिक्षा का स्तर मानव सभ्यता की प्रगति
का एक महत्वपूर्ण मापदंड है। हाल के वर्षों में, यूनेस्को के जोरदार प्रयासों और
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के संयुक्त प्रयासों से, वैश्विक बालिका एवं महिला शिक्षा के
क्षेत्र में उत्साहजनक प्रगति हुई है।
फंग लीयुआन ने कहा कि चीन हमेशा बालिका एवं महिला शिक्षा को काफ़ी
महत्व देता है और यूनेस्को तथा संबंधित पक्षों के साथ व्यावहारिक सहयोग
सक्रिय रूप से करता है, जिससे अधिक देशों की महिलाओं को लाभ हुआ है। हाल
के वर्षों में, चीन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षा के
उच्च गुणवत्ता वाले विकास को सशक्त बनाया है, शिक्षा में लैंगिक समानता और
महिलाओं के सर्वांगीण विकास को प्रभावी ढंग से बढ़ावा दिया है, और वैश्विक
दक्षिणी देशों के लिए उपयोगी अनुभव प्रदान किया है। बालिका एवं महिला शिक्षा
का विकास एक दीर्घकालिक कार्य है। यूनेस्को की बालिका एवं महिला शिक्षा के
लिए विशेष दूत के रूप में, मैं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से आह्वान करती हूँ कि वे
महिलाओं के लिए व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण को मजबूत करें, महिलाओं
के लिए डिजिटल और बुद्धिमान शिक्षा का बड़े पैमाने पर विकास करें, ताकि वे
डिजिटल और बुद्धिमान प्रौद्योगिकी की उपयोगकर्ता और लाभार्थी बन सकें,
और उनके लिए जीवन में सफलता की सीढ़ी तैयार की जा सके।
फंग लीयुआन ने यह भी कहा कि बालिका एवं महिला शिक्षा का विकास
आशा का बीजारोपण करता है, सपनों का पोषण करता है और खुशी की फसल
देता है। मैं सभी पक्षों के साथ मिलकर प्रयास करने, बालिका एवं महिला शिक्षा के
विकास को और आगे बढ़ाने और अधिक महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य में
योगदान देने के लिए तत्पर हूँ।
2015 में चीन और यूनेस्को द्वारा संयुक्त रूप से बालिका एवं महिला शिक्षा
पुरस्कार की स्थापना के बाद से, यह पुरस्कार लगातार सकारात्मक प्रभाव डाल
रहा है और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से व्यापक ध्यान और उच्च प्रशंसा प्राप्त कर रहा
है।
(साभार – चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)