Tuesday, September 1, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home स्पेशल

देश में योग-मेडिटेशन करने वाले 54 करोड़ से ज्यादा..जानें 10 साल में कितने प्रतिशत हुई वृद्धि

DigitalDesk by DigitalDesk
September 1, 2026
in स्पेशल
0
yoga and meditation
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

“देश में योग-मेडिटेशन करने वाले 54 करोड़ से ज्यादा, 10 साल में 80% बढ़े” – ये सिर्फ एक हेल्थ स्टोरी नहीं है, ये भारत में एक बहुत बड़े सांस्कृतिक और आर्थिक शिफ्ट का सबूत है।

1. आंकड़ा क्या कह रहा है? 54 करोड़ का मतलब समझिए

Related posts

degree in agriculture

कृषि में डिग्री अब मजबूरी नहीं… कृषि का अध्ययन करने के बाद जानें कैसे बनें एक सफल उद्यमी

September 1, 2026
real crisis behind the Nepal flood tragedy

पहाड़ों में आपदा नहीं, बढ़ता हुआ “सिस्टमेटिक रिस्क”…बढ़ रहा अनियोजित निर्माण और बदलते मौसम का जोखिम

September 1, 2026

बीते 10 साल में वैकल्पिक हीलिंग का ग्राफ सीधा 80% ऊपर गया है। NSSO और आयुष मंत्रालय के अनुमान के अनुसार आज भारत में योग-ध्यान से जुड़ा हर व्यक्ति अगर एक्टिव प्रैक्टिशनर मान लें तो ये आबादी अमेरिका की कुल आबादी से भी ज्यादा है।
इसका दूसरा पहलू ये है कि होलिस्टिक हीलिंग अब सिर्फ बाबाओं या आश्रमों तक सीमित नहीं है। खबर में जिन शब्दों का जिक्र है – साउंड हीलिंग, माइंडफुलनेस, विपश्यना, पास्ट लाइफ रिग्रेशन थेरेपी, मून बाथिंग, फॉरेस्ट बाथिंग – ये सभी इंस्टाग्राम-जेनरेशन की शब्दावली है। मतलब योग अब धोती-कुर्ता से निकलकर एथलीजर और रील्स में आ गया है।

2. ये बूम अचानक क्यों आया? 3 बड़े कारण

A. एलोपैथी से थकान और मानसिक स्वास्थ्य का संकट:

कोविड के बाद भारत में एंग्जायटी, बर्नआउट और नींद न आने की समस्या 3 गुना बढ़ी है। AIIMS की एक स्टडी के अनुसार 18-35 साल के 60% युवा कहते हैं कि दवा उन्हें तुरंत आराम तो देती है, पर जड़ से ठीक नहीं करती। युवा अब गोली नहीं, प्रोसेस चाहता है। साउंड हीलिंग में 432 Hz फ्रीक्वेंसी या फॉरेस्ट बाथिंग में पेड़ों के बीच चलना उन्हें एक ऐसा कंट्रोल देता है जो डॉक्टर के पर्चे में नहीं है।

B. पश्चिमी मुहर और देसी जड़:

विडंबना देखिए, माइंडफुलनेस और योग को जब हार्वर्ड और गूगल ने ‘प्रोडक्टिविटी टूल’ बताया, तब भारत के युवाओं ने इसे गंभीरता से लिया। अमेरिका में वेलनेस इंडस्ट्री 4.4 ट्रिलियन डॉलर की है। भारत में वही चीज ‘सनातन’ और ‘आयुर्वेद’ के नाम पर वापस आई तो उसे आधुनिकता और संस्कृति दोनों का सपोर्ट मिल गया।

C. कम लागत, हाई-मार्जिन बिजनेस मॉडल:

एक बड़ी अर्थव्यवस्था है, एक सर्टिफाइड साउंड हीलर एक सेशन का 2000 से 5000 रुपये लेता है। एक फॉरेस्ट बाथिंग वॉक का टिकट 1500 रुपये है। इसके लिए न MBBS चाहिए, न बड़ा अस्पताल। 15 दिन का सर्टिफिकेट कोर्स करके लोग कोच बन रहे हैं। इसलिए सप्लाई भी तेजी से बढ़ रही है।

3. खतरा कहाँ है?
एक जरूरी चेतावनी भी है जिसे पढ़ना जरूरी है। रेगुलेशन का शून्य: पास्ट लाइफ रिग्रेशन और मून वाटर चार्जिंग जैसी थेरेपी के लिए भारत में कोई सरकारी लाइसेंसिंग बॉडी नहीं है। कोई भी 3 दिन की ऑनलाइन क्लास करके ‘हीलर’ बन सकता है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि गंभीर डिप्रेशन या बाइपोलर डिसऑर्डर वाले मरीज अगर सिर्फ मून बाथिंग पर निर्भर हो गए तो जान का खतरा हो सकता है।
सांस्कृतिक appropriation: हम योग को सिर्फ स्ट्रेचिंग और मेडिटेशन को सिर्फ आंख बंद करना बना रहे हैं। उसके पीछे का यम, नियम, आहार, अनुशासन गायब है। नतीजा – 10 दिन में 80% लोग छोड़ भी देते हैं।

4. भविष्य: इससे पैसा और करियर कैसे बनेगा?
ये ट्रेंड रुकने वाला नहीं है। इसके 3 बड़े करियर रास्ते बन रहे हैं:
1. क्लिनिकल इंटीग्रेशन: बड़े अस्पताल अब Integrative Medicine डिपार्टमेंट खोल रहे हैं। AIIMS ऋषिकेश और NIMHANS बेंगलुरु में एलोपैथी के साथ योग थेरेपी दी जा रही है। यहाँ सर्टिफाइड योग थेरापिस्ट की मांग बढ़ेगी।
2. वेलनेस टूरिज्म: केरल, ऋषिकेश और अरुणाचल में फॉरेस्ट बाथिंग और साउंड हीलिंग रिट्रीट का किराया एक रात का 20,000 रुपये तक है। विदेशी पर्यटक इसके लिए आ रहे हैं। यह कृषि-उद्यम की तरह ही एक नया ग्रामीण उद्यम बन सकता है।
3. डिजिटल वेलनेस: 54 करोड़ लोगों का डेटा एक बहुत बड़ा मार्केट है। मेडिटेशन ऐप, स्लीप साउंड ऐप, ऑनलाइन माइंडफुलनेस कोचिंग – यह सब अगले 5 साल में 10,000 करोड़ का बाजार बनने वाला है।

कहा जा सकता है कि भारत में स्वास्थ्य की परिभाषा बदल रही है। पहले स्वास्थ्य का मतलब था ‘बीमारी का न होना’, अब इसका मतलब है ‘मन, शरीर और ऊर्जा का बैलेंस’। 10 साल में 80% की वृद्धि यह दिखाती है कि युवा अब मंदिर और मेडिकल स्टोर के बीच एक तीसरी जगह ढूंढ रहा है – जहाँ उसे जज न किया जाए, जहाँ उसे सुना जाए, और जहाँ इलाज केमिकल से नहीं, अनुभव से हो। जो इस तीसरी जगह को सही, वैज्ञानिक और ईमानदार तरीके से बना देगा, वही इस नई वेलनेस क्रांति का लीडर होगा।

Tags: #Yoga and Meditation
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

Cricket News Update: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 15 साल 157 दिन की उम्र में रचा इतिहास

Cricket News Update: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 15 साल 157 दिन की उम्र में रचा इतिहास

Cricket News Update: दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी का धमाका, 15 साल 157 दिन की उम्र में रचा इतिहास

मनोरंजन
चीन को जानिए क्लासिक्स के जरिए, प्राचीन विचारों से समझिए आधुनिक चीन की कहानी

चीन को जानिए क्लासिक्स के जरिए, प्राचीन विचारों से समझिए आधुनिक चीन की कहानी

मनोरंजन
Nepal Flood Updates: नेपाल बॉर्डर पर बाढ़ पीड़ितों की मदद में उतरा ₹15 लाख का ड्रोन! फंसे लोगों तक पहुंचा रहा जरूरी सामान

Nepal Flood Updates: नेपाल बॉर्डर पर बाढ़ पीड़ितों की मदद में उतरा ₹15 लाख का ड्रोन! फंसे लोगों तक पहुंचा रहा जरूरी सामान

मुख्य समाचार

RSS Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version