1. 25 खापों की पंचायत में कंगना पर नाराजगी
2. ‘गटर’ बयान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव
3. गंदे गानों और गन कल्चर पर रोक
4. गांव-गांव कमेटियां बनाकर चलेगा अभियान
5. नशे और लिव-इन पर भी मंथन
कंडेला खाप के ऐतिहासिक चबूतरे पर हुई पंचायत में प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज और गांवों की संस्कृति को लेकर किसी भी तरह की अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जाएगी… कंगना रनौत के ‘गटर जेनरेशन’ वाले बयान को लेकर खाप प्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई… पंचायत में इस बयान की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया… खाप प्रतिनिधियों का कहना है कि ग्रामीण और पारंपरिक समाज की अपनी सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान है, इसलिए उसे लेकर टिप्पणी करते समय संवेदनशीलता जरूरी है…
गंदे गानों और गन कल्चर पर सख्ती…
पंचायत में गंदे गानों और गन कल्चर को लेकर भी बड़ा फैसला लिया गया… खाप प्रतिनिधियों ने ऐसे गानों और संस्कृति को बढ़ावा देने वालों के सामाजिक बहिष्कार की बात कही… पंचायत में कहा गया कि गानों के जरिए हथियारों का प्रदर्शन, आपराधिक छवि और अश्लीलता को बढ़ावा देना युवाओं पर नकारात्मक असर डाल रहा है… इसी वजह से गांवों में जागरूकता अभियान चलाने का फैसला लिया गया…
नशे के खिलाफ गांव-गांव अभियान…
पंचायत में बढ़ते नशे को लेकर भी चिंता जताई गई… खाप प्रतिनिधियों ने कहा कि गांवों में सूखा नशा तेजी से फैल रहा है, जिससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है… सरकार से सूखे नशे पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की गई… साथ ही गांव-गांव जाकर लोगों को नशे के नुकसान के बारे में जागरूक करने का फैसला लिया गया… पंचायत में नशे की बीमारी, खराब होते सामाजिक माहौल और डीजे संस्कृति को लेकर भी चर्चा हुई…
गांवों में बनेंगी निगरानी कमेटियां…
कंडेला खाप के संरक्षक ईश्वर सिंह ने कहा कि गंदे गाने और गन कल्चर के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया गया है… उनका कहना है कि गंदा गाना और गंदा बोलना समाज के हित में नहीं है… उन्होंने कहा कि कंडेला से इस अभियान की शुरुआत की गई है और अब गांव स्तर पर खापों की कमेटियां बनाई जाएंगी… ये कमेटियां लोगों को जागरूक करने के साथ गंदे और गन कल्चर के खिलाफ प्रचार करेंगी…
डीजे और लिव-इन पर भी चर्चा…
पंचायत में लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर भी चर्चा हुई… खाप प्रतिनिधियों ने इसे सामाजिक मूल्यों और पारिवारिक व्यवस्था के संदर्भ में महत्वपूर्ण मुद्दा बताया… इसके अलावा डीजे को लेकर भी पंचायत में फैसला लिया गया… कंडेला खाप के संरक्षक के मुताबिक खाप पंचायत के दायरे में डीजे नहीं बजाने का निर्णय लिया गया है और इसे सख्ती से लागू करने की बात कही गई है…
क्यों महत्वपूर्ण है ये पंचायत…
जींद की इस पंचायत में लिए गए फैसले सिर्फ एक बयान की प्रतिक्रिया तक सीमित नहीं हैं… खाप प्रतिनिधियों ने सामाजिक और सांस्कृतिक बदलावों से जुड़े कई मुद्दों को एक साथ उठाया है… एक तरफ कंगना रनौत के बयान को लेकर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया, तो दूसरी तरफ गंदे गानों, गन कल्चर और नशे के खिलाफ गांव-गांव अभियान चलाने की घोषणा की गई…
अब बड़ा सवाल यही है कि खाप पंचायतों के ये फैसले गांवों में कितने प्रभावी तरीके से लागू होते हैं… क्या गांव स्तर पर बनने वाली कमेटियां गन कल्चर, नशे और अश्लील गानों के खिलाफ लोगों को जोड़ पाएंगी… और कंगना के बयान पर खापों की नाराजगी क्या आगे कोई बड़ा राजनीतिक या सामाजिक मुद्दा बनती है… फिलहाल जींद की 25 खापों की पंचायत ने सामाजिक बदलाव और सांस्कृतिक मर्यादा को लेकर अपनी नाराजगी और चिंता साफ तौर पर जाहिर कर दी है…





