भारतीय सेना ने 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमले के बाद 6-7 मई की दरमियानी रात ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के पीओके क्षेत्र में स्थित नौ आतंकवादी ठिकानों को नष्ट कर दिया गया। भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने हाल ही में इस ऑपरेशन के बारे में कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन में भारत ने पांच पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मार गिराए और पाकिस्तान के कई कमांड सेंटर, रनवे और हैंगर भी तबाह हुए। यह कार्रवाई पूरी तरह से तीनों सेनाओं के संयुक्त प्रयास और तालमेल से सफल हुई।
ऑपरेशन का उद्देश्य और सफलता
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ शुरू किया गया था। भारत ने आतंकवादियों के ठिकानों पर सटीक कार्रवाई कर लक्ष्य को हासिल किया और तुरंत बाद संघर्ष समाप्त कर दिया। इस ऑपरेशन की योजना पूरी तरह से रणनीतिक और लक्षित थी, जिससे सीमाओं के भीतर आतंकवादी नेटवर्क को गंभीर क्षति पहुंचाई जा सके।
पाकिस्तानी नुकसान और फाइटर विमानों का खात्मा
ऑपरेशन के दौरान भारत ने पाकिस्तान के पांच F-16 और JF-17 लड़ाकू विमानों को मार गिराया। इनमें से पांच विमान हवा में और पांच जमीन पर तबाह किए गए। इसके अलावा, पाकिस्तान के दो कमांड और कंट्रोल सेंटर, दो रनवे और तीन हैंगर भी नष्ट हुए। 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर संचालित सटीक हमलों ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया। इस ऑपरेशन ने वैश्विक स्तर पर भारतीय वायुसेना की ताकत और दक्षता को भी प्रदर्शित किया।
आतंकवादी ठिकानों पर सटीक कार्रवाई
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पीओके में नौ आतंकवादी शिविरों और ठिकानों को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई बिना किसी नागरिक हानि के लक्षित हमलों के रूप में हुई। एयर चीफ ने बताया कि ऑपरेशन की सफलता में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल ने अहम भूमिका निभाई। भविष्य में सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने के लिए वायु रक्षा प्रणालियों को और मजबूत किया जा रहा है।
संघर्ष की अवधि और युद्धविराम
ऑपरेशन सिंदूर लगभग 100 घंटे तक चला। पाकिस्तान ने संघर्ष के दौरान भारत से युद्धविराम की मांग की। 10 मई को दोनों देशों के बीच युद्धविराम की स्थिति बनी, जो इस्लामाबाद द्वारा शांति प्रयासों के बाद लागू हुई। एयर चीफ ने स्पष्ट किया कि यह युद्धविराम किसी बाहरी दबाव जैसे कि तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के कहने पर नहीं बल्कि पाकिस्तान की शांति पहल के आधार पर हुआ।
इतिहास में दर्ज ऑपरेशन
ऑपरेशन सिंदूर अब तक के सबसे बड़े लक्षित हवाई हमलों में दर्ज किया गया है। 1971 के बाद यह भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान पर किया गया सबसे बड़ा हवाई हमला माना जाता है। यह ऑपरेशन रणनीतिक दृष्टि से बेहद सफल रहा क्योंकि इसे एक स्पष्ट उद्देश्य के साथ शुरू किया गया और लक्ष्य हासिल होने के तुरंत बाद ही युद्धविराम का निर्णय लिया गया।
तीनों सेनाओं का संयुक्त प्रयास
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता में वायुसेना, थलसेना और नौसेना का संयुक्त तालमेल निर्णायक रहा। इस दौरान सटीक हमलों के लिए सुदर्शन चक्र वायु रक्षा प्रणाली का उपयोग किया गया। यह प्रणाली भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों के लिए और विकसित की जा रही है।
आतंकवाद के खिलाफ कितनी सक्षम और सटीक कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि भारतीय सेना आतंकवाद के खिलाफ कितनी सक्षम और सटीक कार्रवाई कर सकती है। भारतीय वायु सीमा के भीतर रहकर आतंकवादियों के ठिकानों को नष्ट करना, अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण रहा। इसने भारत की सैन्य ताकत और कार्रवाई की दक्षता को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रमाणित किया।
आतंकवाद के खिलाफ संदेश
ऑपरेशन सिंदूर ने आतंकवादियों और उनके समर्थनकर्ताओं को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत किसी भी हमले के बाद जवाबी कार्रवाई करने में सक्षम है। इसके अलावा, यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ भारत की गंभीर नीति और सटीक रणनीति का उदाहरण भी बनी।
नुकसान का व्यापक असर
ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ। पांच उच्च-तकनीकी फाइटर विमानों के अलावा, कई कमांड सेंटर, रनवे और हैंगर नष्ट हुए। इस कार्रवाई ने पाकिस्तान में आतंकवादियों के संचालन को अस्थायी रूप से बाधित किया और उनके हमले की क्षमता को कमजोर किया।
एयर चीफ ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत ने पूरी तरह से युद्धविराम का पालन किया। यह ऑपरेशन इतिहास में दर्ज हो गया क्योंकि यह एक लक्षित, योजनाबद्ध और रणनीतिक कार्रवाई थी। भविष्य में भी भारतीय सेना इस तरह की लक्षित कार्रवाई को और सक्षम बनाने के लिए तकनीकी और रणनीतिक तैयारी कर रही है।