Nepal Flood: तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने उत्तरी नेपाल में मचाई तबाही, कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी

उत्तरी नेपाल में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में तेज रफ्तार से बहता पानी तबाही मचाता नजर आ रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, सीमावर्ती क्षेत्रों में कई जगह हालात बिगड़ गए हैं। खतरे को देखते हुए नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

रसुवा में बाढ़ का सबसे ज्यादा असर, बाजार और सरकारी इमारतों को नुकसान

बाढ़ से उत्तरी रसुवा जिले में सबसे ज्यादा नुकसान की जानकारी सामने आई है। तिमुरे बाजार, तिमुरे कस्टम कार्यालय और स्याब्रुबेसी इलाके प्रभावित बताए जा रहे हैं। अचानक बढ़े पानी के कारण यहां बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। जिला प्रशासन फिलहाल प्रभावित क्षेत्रों में जान-माल और संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन कर रहा है।

स्थानीय बारिश नहीं, तिब्बत में ग्लेशियर झील फटने की आशंका

हाइड्रोलॉजी विशेषज्ञों के मुताबिक, पानी का इतना तेज बहाव केवल स्थानीय बारिश की वजह से आने की संभावना कम है। शुरुआती आकलन में इसके पीछे तिब्बत में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड यानी ग्लेशियर झील के अचानक फटने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, घटना के वास्तविक स्रोत की पुष्टि के लिए जांच की जा रही है।

सैटेलाइट तस्वीरों से बाढ़ के स्रोत का पता लगाने में जुटे अधिकारी

नेपाल का हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर हालात पर नजर बनाए हुए है। विभाग की ओर से चीनी अधिकारियों से भी संपर्क किया जा रहा है। इसके साथ ही सैटेलाइट डेटा की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि बाढ़ का पानी कहां से और किस वजह से इतनी तेजी से आया।

पांच जिलों में नदी किनारे रहने वालों के लिए खतरे की चेतावनी

बाढ़ के खतरे को देखते हुए रसुवा के अलावा नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए हाई-रिस्क एडवाइजरी जारी की गई है। अनुमान है कि बुधवार शाम तक पानी का स्तर मुग्लिंग में मार्श्यांगडी नदी के संगम तक पहुंच सकता है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

 

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