प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च को जेवर नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। उद्घाटन किए जाने के बाद, नए एयरपोर्ट पर कमर्शियल ऑपरेशन शुरू होने हो चुके हैं। 15 जून सोमवार सुबह 7:55 बजे लखनऊ से पहली फ्लाइट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी।
इंडिगो की फ़्लाइट 6E-2278 लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रवाना हुई और सोमवार सुबह 7:55 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरी। वापसी की फ़्लाइट, इंडिगो 6E-2279, शाम 6:55 बजे नोएडा एयरपोर्ट से रवाना होगी और रात 8 बजे लखनऊ पहुँचेगी।
जैसे ही विमान एयरपोर्ट पर उतरा, यात्रियों ने पहली उड़ान की सफल लैंडिंग का जश्न मनाने के लिए तालियां बजाईं। लैंडिंग के समय विमान का स्वागत वॉटर कैनन सैल्यूट से भी किया गया।
दूसरी एयरलाइंस भी कर रही है फ्लाइट शुरू
अब अकासा एयर भी मंगलवार (16 जून) से नोएडा एयरपोर्ट से बेंगलुरु और नवी मुंबई के लिए रोज़ाना सेवाएँ शुरू करने जा रही है और इस तरह वह इस एयरपोर्ट से सेवाएँ देने वाली दूसरी एयरलाइन बन जाएगी।
हालांकि कमर्शियल पैसेंजर सर्विस सोमवार को शुरू हो गई थी, लेकिन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (NIAL) की पहले की घोषणा के अनुसार, एयरपोर्ट की पहली कार्गो फ़्लाइट बुधवार (17 जून) को उड़ान भरेगी। यह कार्गो सर्विस घरेलू रूट पर चलेगी।
नोएडा एयरपोर्ट पर कमर्शियल ऑपरेशन शुरू
अभी, नोएडा और लखनऊ के बीच यात्रा करने वाले कई यात्री या तो दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से चलने वाली फ़्लाइट का इस्तेमाल करते हैं या सड़क मार्ग से यात्रा करते हैं।
अधिकारी इस नए फ़्लाइट कनेक्शन को उत्तर प्रदेश के एविएशन सेक्टर के लिए एक अहम विकास मानते हैं। इसका मकसद राज्य के एडमिनिस्ट्रेटिव और बिज़नेस हब के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना है।
इस एयरपोर्ट को यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड ने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत बनाया है, जो ज़्यूरिख़ एयरपोर्ट इंटरनेशनल AG की सब्सिडियरी कंपनी है।
जेवर एयरपोर्ट पर कई सारी सुविधाऐं
इस सुविधा में 3,900 मीटर लंबा रनवे है, जिसे बड़े आकार के विमानों (वाइड-बॉडी एयरक्राफ्ट) के लिए बनाया गया है। इसमें आधुनिक नेविगेशन इंफ्रास्ट्रक्चर भी है, जिसमें इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और एडवांस्ड एयरफील्ड लाइटिंग सिस्टम शामिल हैं।
अधिकारियों ने पहले बताया था कि एयरपोर्ट पर कई स्तरों वाला सुरक्षा नेटवर्क लगाया गया है, जिसमें AI-आधारित सर्विलांस सिस्टम भी शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के लगभग 1,030 जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही, उत्तर प्रदेश पुलिस ने एयरपोर्ट के लिए एक खास पुलिस स्टेशन भी बनाया है।





