Gleeden App पर NHRC सख्त, MeitY को जारी किया नोटिस – भारत में वैधता पर उठे सवाल

MeitY को Gleeden ऐप को लेकर नोटिस NHRC ने जारी किया नोटिस
इन पर आरोप है कि यह लाखों भारतीय यूज़र्स के बीच extramarital relationships को बढावा देते है

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) को नोटिस जारी कर सोशल नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म ‘Gleeden’ के कामकाज और उसकी वैधता पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। यह नोटिस एक शिकायत के बाद जारी किया गया है, जिसमें इस प्लेटफ़ॉर्म के व्यक्तियों और समाज पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताएं जताई गई थीं।
Gleeden ऐप के खिलाफ एक शिकायत मिली कि ये लाखों भारतीय यूज़र्स के बीच extramarital relationships को बढावा देते है

NHRC को ‘सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन’ की ओर से मिली शिकायत
यह कार्रवाई तब हुई जब आयोग ने ‘सेवा न्याय उत्थान फाउंडेशन’ द्वारा दायर एक शिकायत का संज्ञान लिया। इस शिकायत में आरोप लगाया गया था कि Gleeden शादीशुदा लोगों को गुप्त बातचीत के लिए आपस में जोड़कर शादी के बाहर के रिश्तों को बढ़ावा देता है।

शिकायत में दावा किया गया कि इस प्लेटफॉर्म पर लगभग 40 लाख भारतीय यूज़र (पुरुष और महिलाएँ दोनों) सक्रिय हैं, जिससे इसके बड़े पैमाने और संभावित परिणामों को लेकर सवाल खड़े होते हैं। इसमें नकली पहचान के ज़रिए दुरुपयोग, महिलाओं के संभावित शोषण, नियामक निगरानी की कमी और नाबालिगों के इस प्लेटफॉर्म तक पहुँचने के जोखिम जैसे मुद्दों को भी उठाया गया।

NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने X पर किया पोस्ट
NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने X पर एक पोस्ट में कहा कि शिकायत में यह सुझाव दिया गया है कि यह प्लेटफ़ॉर्म डिजिटल सेवाओं को “पूरी तरह से व्यभिचार और यौन आमंत्रणों के लिए” बढ़ावा देता है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब ऐसे रिश्ते सामने आते हैं, तो वे शादी टूटने, घरेलू हिंसा और गंभीर मामलों में आत्महत्या का कारण बन सकते हैं। उन्होंने लिखा, “गुपचुप तरीके से बने शादी के बाहर के यौन संबंध, जब सामने आते हैं, तो वैवाहिक रिश्तों के टूटने और घरेलू हिंसा का कारण बन सकते हैं।”
आयोग ने इस बारे में भी व्यापक चिंताएँ जताई हैं कि क्या ऐसा कोई प्लेटफ़ॉर्म भारत के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने के अनुरूप है। NHRC के सदस्य ने कहा कि Gleeden की सेवाएँ देश की “सामाजिक-पारिवारिक संरचना और सांस्कृतिक-धार्मिक संदर्भ” के विपरीत प्रतीत होती हैं, जिससे यह जाँच करना ज़रूरी हो जाता है कि क्या इसका संचालन मौजूदा कानूनों के तहत कानूनी रूप से अनुमेय है।
मंत्रालय के जवाब के आधार पर, NHRC अपनी आगे की कार्रवाई तय करेगा।

NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो ने जताई सामाजिक प्रभाव को लेकर चिंता

NHRC के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि इस तरह के प्लेटफॉर्म पारिवारिक रिश्तों में तनाव बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विवाहेतर संबंध सामने आने पर कई बार घरेलू विवाद, हिंसा और मानसिक तनाव जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। आयोग का मानना है कि इस तरह के प्लेटफॉर्म के सामाजिक प्रभावों की गहन जांच जरूरी है।

MeitY की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगा आयोग

NHRC ने स्पष्ट किया है कि मंत्रालय से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि Gleeden ऐप का संचालन मौजूदा कानूनों और भारतीय सामाजिक मूल्यों के अनुरूप है या नहीं।

 

 

 

 

 

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