कर्नाटक में मुस्लिमों को 4 फीसदी आरक्षण मंजूर…जानें बीजेपी विधायकों को क्यों किया सदन से बाहर

कर्नाटक में मुस्लिमों को 4 फीसदी आरक्षण मंजूर…जानें बीजेपी विधायकों को क्यों किया सदन से बाहर

कर्नाटक राज्य सरकार के मुस्लिमों के लिए 4 फीसदी आरक्षण देने के फैसले की विपक्ष में बैठी बीजेपी ने कड़ी निंदा की है। इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी कर्नाटक सरकार के इस कदम को तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया है। केन्द्रीय मंत्री का कहना है कि ये विधेयक असंवैधानिक है। इससे पहले भी चेतावनी दी गई थी कि किसी भी प्रकार से धर्म आधारित आरक्षण स्वीकार्य नहीं है।

हंगामे के बीच मुस्लिम आरक्षण बिल पास…
BJP ने कांग्रेस पर लगाया तुष्टीकरण का आरोप
कर्नाटक विधानसभा में हुआ जारदार बवाल
बीजेपी के 18 विधायक छह माह के लिए निलंबित
विधानसभा से मार्शलों ने टांगकर किया बाहर

बीजेपी के 18 विधायक 6 माह के लिए निलंबित
कर्नाटक विधानसभा में को मुस्लिमों के लिए चार फीसदी आरक्षण देने के विधेयक को पास कर किया गया है। हालांकि इस दौरान सदन में विपक्षी पार्टी ने जोरदार हंगामा किया। हंगामा करने बीजेपी के 18 विधायकों को 6 महीने के लिए विधानसभा से निलंबित भी कर दिया गया है।
सदन से BJP विधायकों को किया बाहर कर्नाटक विधानसभा में हंगामा उस समय शुरू हुआ था जब बीजेपी विधायक सदन के गर्भगृह में आ गए। यह विधायक कांटेक्ट वर्क में मुस्लिमों को चार प्रतिशत आरक्षण देने वाले विधेयक के खिलाफ सदन में प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शन करने वाले बीजेपी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर की कुर्सी पर कागज तक फेंके। इसके बाद विधानसभा में तैनात मार्शलों ने आखिरकार बीजेपी के इन विधायकों को उठाकर सदन से बाहर कर दिया।

भारी हंगामे के बीच पारित हुआ विधेयक
विधानसभा में कर्नाटक सरकार को भारी विरोध और हंगामे का सामना करना पड़ा। इस सबके बीच विधानसभा में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण देने वाले विधेयक को पारित कर दिया गया। बता दें इससे पहले कैबिनेट ने पिछले शुक्रवार 14 मार्च को कर्नाटक सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता केटीपीपी अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दे दी थी। जिसमें करीब दो करोड़ रुपये तक के सिविल कार्यों में 4 प्रतिशत अनुबंध और कीहब 1 करोड़ रुपये तक के माल—सेवा खरीद अनुबंध मुसलमानों के लिए आरक्षित किए गए हैं। राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इसे लेकर 7 मार्च को पेश अपने 2025-26 के बजट में भी इसकी घोषणा की थी।

वहीं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विधानसभा से पारित इस विधेयक को असंवैधानिक करार दिया है। इसके साथ ही इसे कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति भी करार देते हुए जमकर हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक सरकार की इस फैसले की घोर निंदा की है। जोशी ने कहा तुष्टीकरण के लिए कांग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है। अब यह बात साबित हो चुकी है। उन्होंने कहा कर्नाटक में इससे पहले भी बार-बार चेतावनी दी गई थी कि धर्म पर आधारित आरक्षण स्वीकार्य नहीं होगा है। वहीं हनी ट्रैप के मामलों को लेकर भी केन्द्रीय मंत्री ने कहा सरकार को इसे CBI का सौंपना चाहिए या हाई कोर्ट की निगरानी में पूरे मामले की जांच करनी चाहिए।

केन्द्रीय मंत्री जोशी ने कर्नाटक सरकार में मंत्री पर हनी ट्रैप की कोशिश के आरोपों पर कहा ‘कर्नाटक में एक मंत्री ने कहा था कि 48 विधायकों, मंत्रियों और कुछ अफसरों को हनी ट्रैप में फंसाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह सब उनके अपने लोगों की ओर से किया गया है। वे राज्य सरकार से पूछना चाहते हैं कि हनी ट्रैपिंग आखिर किसने की। एक मंत्री दूसरों को हनी ट्रैप में आखिर क्यों फंसा रहे हैं। कर्नाटक में हालात खराब है। इसके लिए कांग्रेस और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी जिम्मेदार हैं।

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