Middle East war: से तेल बाजार में भूचाल IEA ने चेताया—इतिहास की सबसे बड़ी सप्लाई बाधा

युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति पर गहरा असर और IEA की बड़ी चेतावनी सामने आई
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने वैश्विक तेल बाजार को गंभीर संकट में डाल दिया है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने गुरुवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि मौजूदा हालात इतिहास की सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा पैदा कर सकते हैं। एजेंसी के मुताबिक, अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के बाद 28 फरवरी से ईरान के तट के पास स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य के अवरुद्ध होने से वैश्विक तेल आपूर्ति पर भारी असर पड़ा है और इसके परिणाम दूरगामी हो सकते हैं।

मार्च में 8 मिलियन बैरल प्रतिदिन की संभावित कमी ने बाजार में चिंता और अस्थिरता बढ़ाई
IEA की मासिक रिपोर्ट के अनुसार मार्च में वैश्विक आपूर्ति लगभग 8 मिलियन बैरल प्रति दिन घटने की आशंका है। यह गिरावट समुद्री मार्गों के बाधित होने और क्षेत्रीय उत्पादन में कटौती के कारण सामने आई है। एजेंसी ने चेताया कि यदि शिपिंग गतिविधियां जल्द सामान्य नहीं हुईं तो यह कमी और बढ़ सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता तेज हो सकती है।

खाड़ी देशों की उत्पादन कटौती ने वैश्विक मांग-आपूर्ति संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया
रिपोर्ट में बताया गया है कि इराक, कतर, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों ने संघर्ष के चलते कुल उत्पादन में कम से कम 10 मिलियन बैरल प्रतिदिन की कटौती की है। यह मात्रा वैश्विक मांग के लगभग 10 प्रतिशत के बराबर है। इस बड़े स्तर की कटौती ने बाजार के संतुलन को बिगाड़ दिया है और कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है।

उत्पादन फिर शुरू होने में लग सकता है लंबा समय और विशेषज्ञों ने जताई अनिश्चितता की आशंका
IEA ने कहा कि बंद पड़े तेल क्षेत्रों को दोबारा चालू करने में हफ्तों से लेकर महीनों तक का समय लग सकता है। यह अवधि तेल क्षेत्रों की जटिलता और श्रमिकों, उपकरणों तथा संसाधनों की उपलब्धता पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने में समय लगना तय है।

रणनीतिक भंडार से रिकॉर्ड तेल रिलीज और बढ़ती कीमतों ने वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ाई
IEA ने बुधवार को सदस्य देशों के रणनीतिक भंडार से रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने पर सहमति दी, जिसमें अमेरिका का योगदान सबसे ज्यादा है। इसके बावजूद बाजार में तनाव बना हुआ है और गुरुवार को कीमतों में फिर तेजी दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड, जो सोमवार को 119.50 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा था, गुरुवार को 6 प्रतिशत से अधिक बढ़कर करीब 98 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड करता दिखा।

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