NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में जारी छात्र आंदोलन शुक्रवार को और तेज हो गया। संसद के मॉनसून सत्र के पांचवें दिन विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में हुई कथित अनियमितताओं की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
- मकर द्वार पर विपक्ष का प्रदर्शन
- छात्र आंदोलन पर संसद में हंगामा
- शिक्षा कानून में बदलाव की तैयारी
- सरकार-CJP की वार्ता पर नजर
- दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
दूसरी ओर, सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिन बाद भूख हड़ताल समाप्त किए जाने के बावजूद छात्र संगठन और CJP ने अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। संगठन के नेता अभिजीत दीपके ने कहा कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
संसद में फिर गरमाया मुद्दा
संसद के मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष ने छात्रों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री से शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग दोहराई, जबकि राहुल गांधी ने भी सरकार पर छात्रों की आवाज़ को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। वहीं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ दल चर्चा के बजाय केवल राजनीति करना चाहते हैं और सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं।
कानून को और सख्त बनाने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों को रोकने के लिए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन पर विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि पेपर लीक और नकल के मामलों में और कड़ी सजा का प्रावधान किया जा सकता है।
सरकार और CJP के बीच वार्ता
आंदोलन के बीच सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत भी प्रस्तावित है। बताया गया है कि संगठन का प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर अपनी मांगों पर चर्चा करेगा। इस बैठक पर आंदोलन की आगे की रणनीति काफी हद तक निर्भर मानी जा रही है।
दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कई प्रमुख इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास विशेष निगरानी रखी जा रही है। दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर परिचालन संबंधी प्रतिबंध भी लागू हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
प्रशासनिक फेरबदल भी चर्चा में
इसी बीच केंद्र सरकार ने शिक्षा मंत्रालय में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विनीत जोशी को शिक्षा सचिव पद से हटाकर पंचायती राज मंत्रालय भेज दिया है। उनकी जगह नरेश कुमार गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है। इस फैसले के बाद शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। छात्र आंदोलन, संसद में जारी गतिरोध और सरकार की संभावित कानूनी पहल के बीच अब सभी की नजर सरकार और आंदोलनकारी संगठनों के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।