35 करोड़ पौधों से हरित इतिहास
लखनऊ। उत्तर प्रदेश आज पर्यावरण संरक्षण की दिशा में देश का सबसे बड़ा पौधरोपण अभियान चलाने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से ‘पौधरोपण महायज्ञ-2026’ की शुरुआत करेंगे। राज्य सरकार ने एक ही दिन में 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा हरित अभियान माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे और ताल रिंग रोड पर ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत नीम, पीपल, बरगद और आयुर्वेद में विशेष महत्व रखने वाले मौलश्री का पौधा लगाकर अभियान का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद वह जनसभा को भी संबोधित करेंगे।
इस महाअभियान में प्रदेश के 27 विभाग भाग ले रहे हैं। सबसे बड़ी जिम्मेदारी वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के पास है, जो 15 करोड़ से अधिक पौधे लगाएगा। इसके अलावा ग्राम्य विकास विभाग 10 करोड़, कृषि विभाग 3.25 करोड़, उद्यान विभाग 1.50 करोड़, पंचायती राज विभाग 1.22 करोड़ और राजस्व विभाग एक करोड़ पौधों का रोपण करेगा। रेलवे और रक्षा मंत्रालय जैसे केंद्रीय विभाग भी इस अभियान में शामिल होंगे।
गोरखपुर जिले को 55 लाख 28 हजार 600 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। वन विभाग के अनुसार सभी रोपण स्थलों पर गड्ढों की खुदाई, मिट्टी की तैयारी, सिंचाई और पौधों की सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाएं पहले ही पूरी कर ली गई हैं ताकि पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित की जा सके।
इस अभियान को सफल बनाने के लिए प्रदेश की 2,600 से अधिक नर्सरियों में 57.62 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें वन विभाग, उद्यान विभाग, रेशम विभाग और निजी नर्सरियों के पौधे शामिल हैं, जिन्हें विभिन्न जिलों और विभागों तक पहुंचाया जा चुका है।
सरकार का कहना है कि यह अभियान केवल रिकॉर्ड बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने, हरित आवरण बढ़ाने, भूजल संरक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि लक्ष्य पूरा होता है तो उत्तर प्रदेश एक दिन में सबसे अधिक पौधरोपण करने वाले राज्यों में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।