NCERT की नई किताब में बड़ा बदलाव: ‘भ्रष्टाचार’ चैप्टर हटा, सुप्रीम कोर्ट पर नया फोकस

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विवादित चैप्टर हटाकर नई किताब जारी

सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की संशोधित पुस्तक जारी कर दी है। नई किताब से ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ और अदालतों में लंबित मामलों से जुड़े विवादित हिस्सों को पूरी तरह हटा दिया गया है। इसकी जगह न्याय व्यवस्था की भूमिका, जनहित याचिका (PIL) और ट्रिब्यूनल की कार्यप्रणाली पर नया एवं विस्तृत पाठ जोड़ा गया है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का दिखा असर

नई पुस्तक के कवर डिजाइन में भी बदलाव किया गया है। इस बार न्यायपालिका को अधिक प्रमुखता दी गई है। पुस्तक की प्रस्तावना में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि अध्याय को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर दोबारा तैयार किया गया है।

कई पुराने सवाल और फैसले हटाए गए

पहले पुस्तक में ‘स्वतंत्र न्यायपालिका क्यों जरूरी है’ और ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ जैसे विषय शामिल थे, जिन्हें अब हटा दिया गया है। साथ ही श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) बनाम भारत संघ जैसे महत्वपूर्ण मामलों पर आधारित कक्षा चर्चा वाले हिस्से भी नई किताब का हिस्सा नहीं हैं।

अब PIL और न्याय तक पहुंच पर जोर

नई सामग्री में जनहित याचिका (PIL) की अवधारणा, आम नागरिकों के लिए न्याय तक पहुंच और समाज में न्यायपालिका की भूमिका को विस्तार से समझाया गया है। उद्देश्य छात्रों को न्याय व्यवस्था की कार्यप्रणाली और संवैधानिक मूल्यों की सकारात्मक समझ देना बताया गया है।

14 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

यह पूरा विवाद फरवरी 2026 में प्रकाशित पुस्तक के एक अध्याय से शुरू हुआ था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए आपत्ति जताई थी। इसके बाद एनसीईआरटी ने माफी मांगते हुए पुस्तक वापस ले ली और विशेषज्ञ समिति गठित की। संशोधित पुस्तक अब जारी कर दी गई है, जबकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 14 जुलाई को प्रस्तावित है।

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