बारिश की पहली मार: दिल्ली-एनसीआर पानी-पानी, सड़कों पर थमी रफ्तार

First hit of rain Delhi NCR

पहली बारिश में डूबा दिल्ली-एनसीआर

कई दिनों के इंतजार के बाद हुई मॉनसून की पहली तेज बारिश ने दिल्ली-एनसीआर का जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। राजधानी दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं, जिससे लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ा। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूली बच्चे और आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित रहे।

सड़कें बनीं तालाब, पेड़ भी गिरे

बारिश के बाद सदर बाजार, महावीर बाजार, महरौली-दिल्ली रोड और ईस्ट कैलाश सहित कई इलाकों में जलभराव हो गया। कई जगह दुकानों और घरों में पानी घुस गया। ईस्ट कैलाश में सड़क किनारे पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि कई प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए।

नोएडा-गुरुग्राम में घंटों जाम

नोएडा के सेक्टर-94, सेक्टर-62 और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड, सिविल लाइंस और सेक्टर-70ए समेत कई इलाकों में जलभराव के कारण वाहन फंस गए। कुछ स्थानों पर स्कूल बसें और ऑटो गड्ढों में फंसने की घटनाएं भी सामने आईं।

तैयारियों की खुली पोल

भारतीय मौसम विभाग ने पहले ही भारी बारिश का अलर्ट जारी किया था, लेकिन पहली ही जोरदार बारिश में ड्रेनेज सिस्टम की खामियां उजागर हो गईं। नालों की समय पर सफाई नहीं होने और जल निकासी की कमजोर व्यवस्था के कारण कई इलाकों में पानी भर गया, जिससे प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए।

हर साल वही समस्या, समाधान कब?

दिल्ली और गुरुग्राम में हर मानसून के दौरान जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या दोहराई जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज शहरीकरण, कमजोर ड्रेनेज नेटवर्क और नालों में गाद जमा होने के कारण हालात बिगड़ते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल मानसून से पहले नहीं, बल्कि पूरे वर्ष जल निकासी व्यवस्था के रखरखाव पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि हर बारिश आफत न बने।

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