एनएसजी भारत का अभेद्य सुरक्षा कवच
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) देश का अभेद्य सुरक्षा कवच है और इसकी मौजूदगी ही नागरिकों की सुरक्षा की गारंटी है। लाल परेड मैदान में आयोजित एनएसजी शो और प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत आज आतंकवाद और अतिवादी ताकतों से मजबूती से निपटने में सक्षम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि कोई देश या ताकत भारत को चुनौती देती है, तो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एनएसजी के जवान अपनी जान की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। उनकी पेशेवर क्षमता, अनुशासन और तकनीकी दक्षता विश्व स्तर पर पहचान रखती है। एनएसजी की मुस्तैदी ने देश में कई संकटों के दौरान नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि एनएसजी है तो हम हर हाल में सुरक्षित हैं।
- एनएसजी से देश की सुरक्षा मजबूत
- भोपाल में एनएसजी का दमदार प्रदर्शन
- आतंक से निपटने को बड़ा प्रशिक्षण अभियान
- सीटीजी आधुनिकीकरण को 200 करोड़ योजना
- तूमड़ा में बनेगा अत्याधुनिक ट्रेनिंग सेंटर
लाल परेड मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में एनएसजी कमांडोज ने मॉक टेररिस्ट अटैक का सजीव प्रदर्शन किया। इस दौरान आतंकवादी हमले की स्थिति में किस तरह जवाबी कार्रवाई की जाती है, इसका लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया। कमांडोज के साहस, फुर्ती और तकनीकी कौशल ने सभी को प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने इस प्रदर्शन को पराक्रम और साहस की पराकाष्ठा बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए लगातार प्रयासरत है। काउंटर टेररिस्ट ग्रुप (सीटीजी) के आधुनिकीकरण के लिए 200 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की गई है और जल्द ही इस दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही भोपाल के पास तूमड़ा में एक अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा, जहां सुरक्षा बलों को आतंकवाद और आकस्मिक आपदाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश देश के केंद्र में स्थित होने के कारण इस तरह का प्रशिक्षण केंद्र राष्ट्रीय सुरक्षा में भी अहम भूमिका निभाएगा। यह केंद्र सुरक्षा बलों की क्षमता को बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रदेश की एटीएस और सीटीजी आतंकवाद के खिलाफ मजबूत दीवार बनकर खड़ी हैं और आधुनिक तकनीकों से लैस हैं।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने बताया कि एनएसजी और मध्यप्रदेश पुलिस का यह साझा प्रशिक्षण कार्यक्रम 7 अप्रैल से 4 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान जवानों को काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। एनएसजी के महानिदेशक बी. श्रीनिवासन ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस के जवानों ने अपनी क्षमता और योग्यता से बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि देशभर के हजारों जवानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है और लगातार नई तकनीकों के जरिए उनकी दक्षता बढ़ाई जा रही है। कुल मिलाकर, भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल सुरक्षा बलों की ताकत और तैयारी को दर्शाता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि देश किसी भी चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।