हनुमान अंश’… सीएम का संत संदेश!
भोपाल में सिनेमा हॉल का माहौल कुछ अलग नजर आया. मौका था बाबा नीम करौरी के जीवन पर आधारित फिल्म ‘हनुमान अंश’ के विशेष प्रदर्शन का. और इस खास शो में फिल्म देखने पहुंचे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव. भोपाल के कोलार स्थित डीडीएक्स सिनेमा में मुख्यमंत्री ने बीजेपी नेताओं और जनप्रतिनिधियों के साथ फिल्म देखी.
सिनेमा संचालक अनिल गुप्ता ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया.साथ ही उन्हें हनुमंत धाम की स्मारिका भी भेंट की. फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री ने इसे बहुत अच्छा बताया और कहा कि धार्मिक फिल्में सभी को देखनी चाहिए. क्योंकि ऐसी फिल्में लोगों को सेवा की प्रेरणा देती हैं. यानी फिल्म सिर्फ पर्दे पर कहानी नहीं… बल्कि मुख्यमंत्री के लिए आस्था, अध्यात्म और सेवा के संदेश का माध्यम भी बनी.
सीएम ने देखी ‘हनुमान अंश’
भोपाल के कोलार स्थित डीडीएक्स सिनेमा में ‘हनुमान अंश’ का विशेष शो आयोजित किया गया. इसी शो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीजेपी नेताओं के साथ पहुंचे और फिल्म देखी. मुख्यमंत्री के साथ विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर मालती रॉय, जिला अध्यक्ष रवींद्र यति समेत कई बीजेपी नेता मौजूद रहे. सिनेमा संचालक अनिल गुप्ता ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया… पुष्पगुच्छ भेंट किया और हनुमंत धाम की स्मारिका भी मुख्यमंत्री को प्रदान की.
बाबा नीम करौरी की कहानी
‘हनुमान अंश’ फिल्म बाबा नीम करौरी के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर आधारित है. बाबा नीम करौरी को उनके अनुयायी हनुमान भक्ति, सेवा और मानव कल्याण के संदेश से जोड़कर देखते हैं. यही वजह है कि फिल्म में सिर्फ एक संत की जीवन यात्रा नहीं… बल्कि भक्ति, सेवा और मानवता का संदेश भी सामने आता है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी फिल्म देखने के बाद इसी पहलू को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि धार्मिक फिल्में सभी को देखनी चाहिए… क्योंकि ऐसी फिल्में लोगों को समाज और मानवता की सेवा करने की प्रेरणा देती हैं.
फिल्म अच्छी लगी… सीएम ने दिया संदेश
फिल्म देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे बहुत अच्छा बताया. सीएम का संदेश साफ था कि धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर बनी फिल्मों को सिर्फ मनोरंजन के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए. इन फिल्मों के जरिए संतों के विचार… भारतीय संस्कृति… सेवा भावना और आध्यात्मिक परंपरा की जानकारी भी लोगों तक पहुंचती है. खास तौर पर नई पीढ़ी के लिए ऐसी फिल्में भारतीय संत परंपरा और उसके मूल संदेश से परिचित कराने का जरिया बन सकती हैं.
‘धर्म’ से ‘सेवा’ तक सीएम का संदेश
‘हनुमान अंश’ देखने के बाद मुख्यमंत्री की कही एक बात सबसे ज्यादा अहम रही. धार्मिक फिल्में लोगों को सेवा की प्रेरणा देती हैं. यानी मुख्यमंत्री ने फिल्म को सिर्फ धार्मिक भावनाओं से जोड़कर नहीं देखा. बल्कि उसके सामाजिक संदेश पर भी जोर दिया. बाबा नीम करौरी की परंपरा में भी सेवा और मानव कल्याण का संदेश प्रमुख माना जाता है. ऐसे में मुख्यमंत्री का फिल्म के संदेश को सेवा से जोड़ना. फिल्म की कहानी को व्यापक सामाजिक संदर्भ देता है.
टैक्स फ्री पर अभी विचार
फिल्म को टैक्स फ्री किए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस पर अभी विचार किया जा रहा है. यानी सरकार की ओर से फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. लेकिन मुख्यमंत्री का फिल्म देखने पहुंचना और उसके सामाजिक-सांस्कृतिक संदेश की सराहना करना. फिल्म के प्रति सरकार की रुचि जरूर दिखाता है. अगर सरकार भविष्य में इसे टैक्स फ्री करने का फैसला करती है. तो इससे फिल्म को ज्यादा दर्शकों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है.
‘हनुमान अंश’ के विशेष शो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी को सिर्फ एक फिल्म देखने की घटना के तौर पर नहीं देखा जा सकता. इसके कई संदेश हैं. पहला संदेश है संत परंपरा और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान. दूसरा संदेश है धार्मिक फिल्मों के जरिए सामाजिक मूल्यों को आगे बढ़ाने की कोशिश. और तीसरा सबसे अहम संदेश है आस्था को सेवा से जोड़ना. मुख्यमंत्री ने फिल्म देखने के बाद जब कहा कि धार्मिक फिल्में सभी को देखनी चाहिए और इनसे लोगों को सेवा की प्रेरणा मिलती है. तो उन्होंने फिल्म के मूल भाव को एक व्यापक सामाजिक संदेश के रूप में सामने रखा. बाबा नीम करौरी का जीवन भक्तों के बीच आध्यात्मिकता और सेवा की भावना के लिए जाना जाता है. ऐसे में उनकी जीवनगाथा पर बनी फिल्म का मुख्यमंत्री द्वारा देखा जाना मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक राजनीति और धार्मिक-सामाजिक विमर्श के लिहाज से भी अहम है. खास बात यह भी रही कि मुख्यमंत्री अकेले फिल्म देखने नहीं पहुंचे. उनके साथ विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर मालती रॉय, जिला अध्यक्ष रवींद्र यति समेत बीजेपी के कई नेता मौजूद रहे. यानी फिल्म देखने का यह कार्यक्रम आस्था के साथ राजनीतिक-सामाजिक संदेश का भी मंच बन गया.
एक तरफ पर्दे पर बाबा नीम करौरी का जीवन. दूसरी तरफ मुख्यमंत्री का संदेश. भक्ति हो… लेकिन भक्ति के साथ सेवा भी हो. यही ‘हनुमान अंश’ देखने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संदेश का सबसे बड़ा सार नजर आता है.
भोपाल के सिनेमा हॉल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिर्फ एक फिल्म नहीं देखी.बल्कि फिल्म के जरिए सामने आए भक्ति, संत परंपरा और सेवा के संदेश को भी रेखांकित किया. अब नजर इस बात पर होगी कि फिल्म को टैक्स फ्री करने को लेकर सरकार क्या फैसला करती है. फिलहाल ‘हनुमान अंश’ के बहाने मुख्यमंत्री का संदेश साफ है. आस्था सिर्फ विश्वास नहीं… आस्था से सेवा की प्रेरणा भी मिलनी चाहिए। (प्रकाश कुमार पांडेय)