मकाऊ की तीसरी पंचवर्षीय योजना ने ‘एक देश दो व्यवस्थाएं’ में नया अध्याय जोड़ा
मकाऊ विशेष प्रशासनिक क्षेत्र सरकार ने 18 अगस्त को औपचारिक
रूप से मकाऊ के आर्थिक व सामाजिक विकास की तीसरी पंचवर्षीय
योजना (वर्ष 2026-2030) जारी की। इस योजना ने मकाऊ के
विकास की वास्तविक स्थिति और राष्ट्रीय विकास रणनीति के
मुताबिक चार मुख्य पहलुओं पर जोर लगाया, यानी शासन उन्नति
का तालमेल, व्यावसायिक सुधार, खुलापन और जनजीवन की
स्थिरता। इस योजना में कानूनी शासन का मकाऊ, जीवंत मकाऊ,
सांस्कृतिक मकाऊ और सुखमय मकाऊ का सुंदर विज़न बढ़ाने का
उल्लेख किया गया। जाहिर है कि मकाऊ विशेषता वाले एक देश दो
व्यवस्थाएं कार्य में गुणवत्तापूर्ण विकास का नया अध्याय जोड़ा जा
रहा है।
मकाऊ की तीसरी पंचवर्षीय योजना बनाने के लिए 40 दिन तक
राय ली गयी, 36 विशेष मुद्दों का अध्ययन किया गया, 14 परामर्श
सभाएं की गयीं और 8230 सुझाव प्राप्त किये गये। मकाऊ वालों के
चिंता वाले मुद्दे और कठिन सवाल सब इस योजना में शामिल
कराये गये हैं।
उल्लेखनीय बात है कि इस परियोजना को राष्ट्रीय विकास से भी
घनिष्ठ रूप से जोड़ा गया है। इस परियोजना ने क्वांगतुंग-हांगकांग-
मकाऊ वृहद खाड़ी क्षेत्र और हंगछिन क्वांगतुंग-मकाऊ गहरे सहयोग
जोन दो राष्ट्रीय रणनीतिक मंच के आधार पर वैदेशिक खुलेपन के
स्तर की उन्नति करने, चीनी व पश्चिमी संस्कृति के आदान-प्रदान
की अहम खिड़की निर्मित करने और बेल्ट एंड रोड पहल निर्माण में
मदद देने पर बल दिया।
चाइना मीडिया ग्रुप के अधीन सीजीटीएन द्वारा मकाऊ के 1551
लोगों के बीच किये गये एक सर्वे से पता चला है कि 93 प्रतिशत
उत्तरदाताओं का कहना है कि क्वांगतुंग-हांगकांग-मकाऊ वृहद खाड़ी
निर्माण में शामिल होने के बाद मकाऊ आने वाले पर्यटक अधिक हो
गये हैं और व्यक्तियों की आवाजाही अधिक सरल है और अधिक
निवेश आकर्षित हुए हैं। 92.5 प्रतिशत लोगों का कहना है कि
मातृभूमि का समर्थन और विश्व से जुड़ना मकाऊ का विशिष्ट लाभ
है। 92.2 प्रतिशत लोगों का कहना है कि ‘एक देश दो व्यवस्था’
मकाऊ में सफ़ल है।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)





