बेहतर हवा, स्वच्छ जल और हरित विकास ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान
चीन के शीत्सांग स्वायत्त प्रदेश की राजधानी ल्हासा ने वर्ष 2025 में पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया है। हाल ही में जारी ल्हासा नगर पर्यावरणीय गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 के अनुसार, शहर की वायु, जल, मिट्टी और पर्यावरणीय गुणवत्ता पूरे वर्ष उत्कृष्ट स्तर पर बनी रही। इसी प्रदर्शन के चलते ल्हासा देश के सबसे स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल शहरों में अपनी मजबूत पहचान बनाए रखने में सफल रहा।
99.7% दिन रही स्वच्छ हवा, देश में दूसरा स्थान
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में ल्हासा के 99.7 प्रतिशत दिन अच्छी वायु गुणवत्ता वाले रहे। शहर की हवा राष्ट्रीय ग्रेड-2 मानकों पर खरी उतरी और इसी आधार पर ल्हासा चीन के 168 प्रमुख शहरों में दूसरा स्थान हासिल करने में सफल रहा।
जल और मिट्टी की गुणवत्ता भी रही उत्कृष्ट
ल्हासा के सभी 5 राष्ट्रीय जल निगरानी केंद्रों और 12 पेयजल स्रोतों ने निर्धारित ग्रेड-3 गुणवत्ता मानकों को पूरा किया। इसके साथ ही भूजल, शहरी जल प्रणाली और मिट्टी की गुणवत्ता भी सुरक्षित और संतोषजनक रही। निर्माण भूमि का सुरक्षित उपयोग सुनिश्चित किया गया, जबकि शोर और विकिरण का स्तर भी तय मानकों के भीतर दर्ज किया गया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिली नई पहचान
पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के कारण वर्ष 2025 में जिम्बाब्वे में आयोजित COP15 सम्मेलन के दौरान ल्हासा को ‘अंतर्राष्ट्रीय वेटलैंड शहर’ का दर्जा मिला। यह सम्मान पाने वाला शीत्सांग का पहला शहर बन गया। इसके अलावा, ल्हासा के छ्यूश्वेई जिले को पर्यावरण संरक्षण के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में भी मान्यता मिली।
‘शून्य अपशिष्ट शहर’ की दिशा में बड़ी उपलब्धि
ल्हासा को क्षेत्रीय स्तर पर 4A ‘शून्य अपशिष्ट शहर’ का दर्जा भी मिला। शहर में 212 शून्य अपशिष्ट इकाइयों की स्थापना की गई, जबकि शीत्सांग का पहला ‘शून्य अपशिष्ट विज्ञान शिक्षा केंद्र’ भी शुरू किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि ये उपलब्धियां ल्हासा की प्रभावी पर्यावरण नीति और सतत विकास मॉडल का परिणाम हैं।
(साभार-चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





