देश में ग्रामीण रोजगार व्यवस्था के लिए आज से एक बड़ा बदलाव लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025 (VB-G RAM G) के तहत नई मजदूरी दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। यह व्यवस्था 1 जुलाई से पूरे देश में लागू हो गई है और इसे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGA) के उत्तराधिकारी मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
- MGNREGA की जगह VB-G RAM G की शुरुआत
- अब 300 रुपये से कम नहीं होगी मजदूरी
- 125 दिन रोजगार की गारंटी का बड़ा ऐलान
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब देश में ग्रामीण रोजगार के तहत न्यूनतम दैनिक मजदूरी 300 रुपये तय कर दी गई है। यानी किसी भी राज्य या क्षेत्र में अधिसूचित मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी।
पहली बार तय हुआ राष्ट्रीय न्यूनतम वेज फ्लोर
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार पहली बार राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम में 300 रुपये का न्यूनतम वेज फ्लोर लागू किया गया है।
इसका उद्देश्य है—
- कम मजदूरी वाले राज्यों को राहत देना
- राज्यों के बीच मजदूरी का अंतर कम करना
- ग्रामीण श्रमिकों की आय बढ़ाना
- श्रम को सम्मानजनक पारिश्रमिक देना
देशभर में बढ़ीं मजदूरी दरें
नई अधिसूचना के तहत 34 राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और वेज क्षेत्रों में मजदूरी दरों में वृद्धि की गई है।
- 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों की मजदूरी सीधे 300 रुपये के न्यूनतम स्तर तक पहुंचाई गई।
- राष्ट्रीय औसत मजदूरी 298.8 रुपये से बढ़कर 327.4 रुपये प्रतिदिन हो गई।
- यानी औसतन 28.6 रुपये प्रतिदिन (करीब 10 प्रतिशत) की वृद्धि हुई है।
इन राज्यों को सबसे ज्यादा फायदा
सरकार ने सबसे अधिक बढ़ोतरी उन राज्यों में की है जहां पहले मजदूरी सबसे कम थी।
इनमें प्रमुख हैं—
- उत्तर प्रदेश
- बिहार
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल
- असम
- अरुणाचल प्रदेश
- हिमाचल प्रदेश
इन राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है।
अरुणाचल और नागालैंड में सबसे बड़ी बढ़ोतरी
नई अधिसूचना के अनुसार—
- अरुणाचल प्रदेश
- नागालैंड
में लगभग 24.5 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।
इसके अलावा—
- उत्तराखंड
- त्रिपुरा
- छत्तीसगढ़
- मध्य प्रदेश
- ओडिशा
में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
इन राज्यों में मजदूरी 400 रुपये के पार
जहां पहले से मजदूरी अधिक थी, वहां भी नई दरें बढ़ाई गई हैं।
नई मजदूरी के अनुसार—
- हरियाणा — 409 रुपये
- गोवा — 406 रुपये
- केरल — 401 रुपये
- कर्नाटक — 360 रुपये से अधिक
- पंजाब — 360 रुपये से अधिक
वहीं सिक्किम के हाई एल्टीट्यूड ग्राम पंचायत क्षेत्रों में मजदूरी 450 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गई है।
125 दिन रोजगार की गारंटी
केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नई व्यवस्था केवल मजदूरी बढ़ाने तक सीमित नहीं है। VB-G RAM G एक्ट के तहत—
- 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन
- कम आय वाले राज्यों को प्राथमिकता दी गई है।
- ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने पर जोर रहेगा।
सरकार का दावा—ग्रामीण अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
ग्रामीण विकास मंत्रालय का कहना है कि नई मजदूरी दरें वैज्ञानिक और पारदर्शी प्रणाली के आधार पर तय की गई हैं।
सरकार का दावा है कि इससे—
- ग्रामीण आय बढ़ेगी
- मजदूरों का जीवन स्तर सुधरेगा
- पलायन कम होगा
- गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे
- ‘गरीब कल्याण’, ‘अंत्योदय’ और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को गति मिलेगी।
क्या बदला एक नजर में
- आज से लागू हुआ VB-G RAM G एक्ट
- 300 रुपये न्यूनतम दैनिक मजदूरी तय
- राष्ट्रीय औसत मजदूरी बढ़कर 327.4 रुपये
- 34 राज्यों/क्षेत्रों में नई मजदूरी लागू
- 21 राज्यों को मिला 300 रुपये का न्यूनतम वेज फ्लोर
- रोजगार गारंटी बढ़कर 125 दिन
- कम मजदूरी वाले राज्यों को सबसे अधिक लाभ
केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए VB-G RAM G एक्ट लागू कर दिया है। न्यूनतम 300 रुपये दैनिक मजदूरी, 125 दिन रोजगार की गारंटी और कम मजदूरी वाले राज्यों में बड़ी बढ़ोतरी के साथ सरकार का लक्ष्य ग्रामीण आय बढ़ाने, क्षेत्रीय असमानता कम करने और गांवों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देना है। यह बदलाव देश की ग्रामीण रोजगार नीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।