पुणे के चर्चित कारोबारी केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। पुलिस अब मामले की हर कड़ी को वैज्ञानिक तरीके से जोड़ने में जुटी है। इसी क्रम में मुख्य आरोपी चेतन चौधरी को लोहागढ़ किले पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट कराया जा रहा है। इससे पहले सह-आरोपी सिया गोयल के साथ भी घटनास्थल पर पूरी वारदात का पुनर्निर्माण किया जा चुका है।
- 3 जुलाई तक बढ़ी सिया और चेतन की पुलिस कस्टडी
- लोहागढ़ किले पर दोबारा रीक्रिएट होगा मर्डर सीन
- क्या दोनों आरोपियों के बयानों में खुलेगा झूठ?
- बाली ट्रिप विवाद और अफेयर एंगल की भी जांच
- 14 जून की कथित नाकाम कोशिश भी जांच के दायरे में
जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों आरोपियों के अलग-अलग रीक्रिएशन से यह साफ हो जाएगा कि उनके बयान एक-दूसरे से मेल खाते हैं या नहीं। यदि दोनों की कहानी में विरोधाभास मिला तो पुलिस के लिए सच्चाई तक पहुंचना और आसान हो जाएगा।
3 जुलाई तक पुलिस हिरासत
अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी की पुलिस कस्टडी दूसरी बार बढ़ाते हुए 3 जुलाई तक कर दी है। पुलिस का कहना है कि अभी कई महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच बाकी है और दोनों आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।
क्यों अहम है चेतन का सीन रीक्रिएशन?
पुलिस के अनुसार, सिया के बाद अब चेतन को उसी स्थान पर ले जाकर पूरे घटनाक्रम को दोहराया जाएगा, जहां से कथित तौर पर केतन अग्रवाल को खाई में धक्का दिया गया था।
इस प्रक्रिया के दौरान पुलिस यह जांचेगी—
- घटना के समय दोनों आरोपी कहां मौजूद थे।
- किसने क्या भूमिका निभाई।
- घटनास्थल पर आरोपियों के बयान भौतिक साक्ष्यों से मेल खाते हैं या नहीं।
- दोनों के बयानों में कोई विरोधाभास तो नहीं।
जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि दोनों के बयान अलग-अलग निकले तो हत्या की साजिश से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।
सिया के रीक्रिएशन में क्या सामने आया?
कुछ दिन पहले पुलिस ने सिया गोयल के साथ भी घटनास्थल पर क्राइम सीन रीक्रिएट किया था।
रीक्रिएशन के दौरान—
- पुलिस ने एक डमी (पुतला) का इस्तेमाल किया।
- कथित घटनास्थल से उसे नीचे धक्का देकर पूरी घटना को दोहराया।
- सिया ने पुलिस के सामने कथित घटनाक्रम का प्रदर्शन किया।
इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य घटनास्थल, फॉरेंसिक साक्ष्य और आरोपियों के बयानों का मिलान करना था।
बाली ट्रिप विवाद भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि केतन और सिया की शादी से पहले इंडोनेशिया के बाली जाने की योजना बनी थी।
बताया जा रहा है कि—
- 6 जून को बाली ट्रिप रद्द हो गई थी।
- इसके बाद केतन ने अपने पिता से सिया के व्यवहार की शिकायत की थी।
- उसने बताया था कि सिया छोटी-छोटी बातों पर विवाद करती थी।
परिजनों ने उस समय इसे सामान्य मतभेद मानकर सुलह कराने की सलाह दी थी।
क्या हत्या की पहले से थी तैयारी?
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला दावा सामने आया है।
जांच के मुताबिक—
- 14 जून को, यानी घटना से चार दिन पहले भी, केतन और सिया लोहागढ़ किले गए थे।
- पुलिस का दावा है कि उसी दौरान केतन को चट्टान से धक्का देने की कोशिश की गई थी।
- हालांकि, वह झाड़ियों का सहारा मिलने से बच गया।
- जब केतन ने सवाल किया तो कथित तौर पर सिया ने “सांप दिखने” का बहाना बनाया।
यदि यह दावा जांच में सही साबित होता है तो यह हत्या की पूर्व नियोजित साजिश की ओर इशारा कर सकता है।
अफेयर एंगल की भी जांच
पुलिस इस मामले में कथित रिश्तों और संभावित प्रेम संबंधों के पहलू की भी जांच कर रही है। जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि केतन को किसी अन्य व्यक्ति के साथ सिया के संबंध होने का शक था। हालांकि, इस पहलू की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस सभी संभावित एंगल की जांच कर रही है।
मैचमेकिंग से हुई थी मुलाकात
पुलिस के अनुसार—
- केतन और सिया की मुलाकात मैचमेकिंग के जरिए हुई थी।
- दोनों परिवार एक साझा रिश्तेदार के माध्यम से जुड़े थे।
- फरवरी में पुणे के एक लग्जरी होटल में दोनों की सगाई हुई थी।
- कुछ ही महीनों बाद यह रिश्ता एक सनसनीखेज हत्याकांड में बदल गया।
अब आगे क्या?
पुलिस को उम्मीद है कि चेतन के क्राइम सीन रीक्रिएशन, फॉरेंसिक रिपोर्ट, डिजिटल साक्ष्य और दोनों आरोपियों के बयानों के मिलान के बाद हत्या की पूरी साजिश की तस्वीर साफ हो सकेगी। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।