जापान का ‘रेनबो फील्ड’… पहाड़ों पर बिछी फूलों की इंद्रधनुषी चादर..जानें कैसे हर मौसम में बदल जाता है नजारा

जापान का ‘रेनबो फील्ड’… पहाड़ों पर बिछी फूलों की इंद्रधनुषी चादर

टोक्यो/होक्काइडो। जापान का नाम सुनते ही आमतौर पर आधुनिक तकनीक, तेज रफ्तार ट्रेन और चमचमाते शहरों की तस्वीर सामने आती है। लेकिन जापान की खूबसूरती का एक ऐसा चेहरा भी है, जहां प्रकृति के रंग पहाड़ों पर इंद्रधनुष की तरह बिखरे नजर आते हैं। होक्काइडो के बीईई क्षेत्र में स्थित शिकीसाई-नो-ओका ऐसा ही अद्भुत पर्यटन स्थल है, जहां दूर तक फैली पहाड़ियों पर अलग-अलग रंगों के फूल किसी विशाल पेंटिंग की तरह दिखाई देते हैं।

करीब 15 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला यह फ्लावर गार्डन अपनी ढलानदार पहाड़ियों और रंग-बिरंगी फूलों की कतारों के लिए खास पहचान रखता है। यहां लाल, पीले, बैंगनी, सफेद और हरे रंग की पट्टियां दूर से देखने पर ऐसा एहसास कराती हैं, मानो पहाड़ पर किसी ने इंद्रधनुष उतार दिया हो।

फूलों की क्यारियां नहीं, पहाड़ पर बना ‘कलर कैनवास’

शिकीसाई-नो-ओका की सबसे खास बात इसका लैंडस्केप है। फूलों को केवल अलग-अलग हिस्सों में नहीं लगाया गया है, बल्कि पहाड़ी की प्राकृतिक ढलान का इस्तेमाल करते हुए उन्हें इस तरह व्यवस्थित किया गया है कि दूर से पूरा क्षेत्र रंगों की लंबी-लंबी धारियों में नजर आता है।

यही वजह है कि यहां खड़े होकर देखने पर लगता है कि प्रकृति ने खुद किसी विशाल कैनवास पर पेंटिंग बनाई हो।

मौसम के साथ यहां का रंग भी बदलता रहता है। अलग-अलग समय पर ट्यूलिप, पॉपी, लैवेंडर, सूरजमुखी, साल्विया, डहेलिया समेत कई तरह के मौसमी फूल इस इलाके की खूबसूरती बढ़ाते हैं।

हर मौसम में बदल जाता है नजारा

इस ‘रेनबो फील्ड’ की खूबसूरती किसी एक मौसम तक सीमित नहीं है। वसंत में जहां अलग-अलग रंगों के फूल नजर आते हैं, वहीं गर्मियों में खेतों का रंग और भी ज्यादा जीवंत हो जाता है। शरद ऋतु में फूलों और वनस्पतियों की रंगत बदलने लगती है।

यानी यहां आने वाला पर्यटक हर मौसम में एक अलग तस्वीर देख सकता है।

और जब सर्दियां आती हैं तो यही रंगीन पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक जाती हैं। तब यह जगह फूलों की घाटी नहीं, बल्कि एक शानदार विंटर लैंडस्केप में बदल जाती है।

पर्यटकों के लिए सिर्फ फूल नहीं, पूरा अनुभव

शिकीसाई-नो-ओका को सिर्फ फूल देखने की जगह के रूप में विकसित नहीं किया गया है। यहां पर्यटकों के लिए बगीचे के भीतर घूमने के लिए Shikisai Norokko नाम की ट्रैक्टर बस जैसी सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा कार्ट और बग्गी जैसी गतिविधियां भी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

यानी जिस पर्यटक के लिए इतनी बड़ी पहाड़ी पर पैदल घूमना मुश्किल हो, वह अलग माध्यमों से इस विशाल फ्लावर गार्डन का आनंद ले सकता है।

अल्पाका फार्म भी बना आकर्षण

फूलों के अलावा यहां अल्पाका फार्म भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। पर्यटक अल्पाका को करीब से देख सकते हैं और उनके साथ समय बिता सकते हैं।

इससे इस जगह का अनुभव केवल फूलों और फोटोग्राफी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और बच्चों के लिए भी यह एक अलग तरह का पर्यटन अनुभव बन जाता है।

गर्मियों का ‘रेनबो’, सर्दियों का एडवेंचर

शिकीसाई-नो-ओका की असली खासियत यह है कि मौसम बदलने के साथ इसका पूरा रूप बदल जाता है।

गर्मियों में—फूलों की इंद्रधनुषी दुनिया।

सर्दियों में—बर्फ से ढकी सफेद पहाड़ियां।

सर्दियों के दौरान यहां स्नोमोबाइल और स्नो राफ्ट जैसी गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र बनती हैं। यानी जिस जगह पर गर्मियों में पर्यटक फूलों की तस्वीरें लेते हैं, वहीं सर्दियों में वही क्षेत्र एडवेंचर गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होता है।

क्यों खास है यह ‘रेनबो फील्ड’?

दरअसल, इस जगह की खूबसूरती केवल फूलों की संख्या में नहीं, बल्कि फूलों को प्राकृतिक भू-दृश्य के साथ जोड़ने के तरीके में है।

पहाड़ी की ढलान, फूलों की अलग-अलग प्रजातियां और उनके रंग—इन तीनों का संयोजन इस जगह को अनोखा बनाता है। दूर से देखने पर फूलों की पट्टियां एक-दूसरे के समानांतर बहती हुई दिखाई देती हैं और पूरा क्षेत्र इंद्रधनुष जैसा नजर आता है।

पर्यटन मॉडल की भी बड़ी कहानी

शिकीसाई-नो-ओका की कहानी सिर्फ प्राकृतिक सुंदरता की कहानी नहीं है। यह बताती है कि ग्रामीण और प्राकृतिक क्षेत्रों को किस तरह पर्यटन के बड़े आकर्षण में बदला जा सकता है।

फूल देखने आने वाले पर्यटक स्थानीय परिवहन, खानपान, मनोरंजन और दूसरी सुविधाओं पर खर्च करते हैं। इसका फायदा आसपास के स्थानीय कारोबार और पर्यटन अर्थव्यवस्था को मिलता है।

यानी फूलों का यह मैदान सिर्फ एक खूबसूरत तस्वीर नहीं, बल्कि प्रकृति, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के बीच बने मजबूत संबंध का उदाहरण भी है।

जापान का यह ‘रेनबो फील्ड’ इसलिए खास है क्योंकि यहां प्रकृति को सिर्फ देखा नहीं जाता, बल्कि एक अनुभव के रूप में महसूस किया जाता है।

करीब 15 हेक्टेयर में फैली पहाड़ियों पर खिलते अलग-अलग रंगों के फूल, बदलते मौसम के साथ बदलता लैंडस्केप, अल्पाका फार्म और सर्दियों की एडवेंचर गतिविधियां—ये सब मिलकर शिकीसाई-नो-ओका को एक ऐसा पर्यटन स्थल बनाते हैं, जहां हर मौसम अपनी अलग कहानी सुनाता है।एक तरफ जापान दुनिया को अपनी तकनीक से चौंकाता है, तो दूसरी तरफ होक्काइडो का यह ‘रेनबो फील्ड’ दिखाता है कि प्रकृति के रंगों को सहेजकर भी दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।

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