पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने एक बार फिर खतरनाक मोड़ ले लिया है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी हमला करते हुए जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। मिसाइलों और ड्रोन के जरिए किए गए इन हमलों ने पूरे क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। अप्रैल में लागू युद्धविराम के बाद यह दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा टकराव माना जा रहा है।
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने शुरू किया जवाबी सैन्य अभियान
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई उसके दक्षिणी क्षेत्रों और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम, रडार स्टेशन और सैन्य नियंत्रण केंद्रों को निशाना बनाया था, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की गई।
जॉर्डन, कुवैत और बहरीन में बढ़ाई गई सुरक्षा, कई हमले नाकाम
जॉर्डन की सेना ने जानकारी दी कि ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों को रास्ते में ही मार गिराया गया। वहीं कुवैत और बहरीन ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया। बहरीन के शाही सलाहकारों ने दावा किया कि देश की सुरक्षा एजेंसियों ने सभी हवाई खतरों को समय रहते निष्क्रिय कर दिया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना वैश्विक चिंता का केंद्र
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन गया है। इसी क्षेत्र में हाल ही में अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना भी सामने आई थी। अमेरिका का दावा है कि हेलीकॉप्टर को ईरानी ड्रोन ने निशाना बनाया था, जबकि ईरान ने इस दावे को खारिज किया है। दोनों देशों के आरोप-प्रत्यारोप से हालात और जटिल होते जा रहे हैं।
तेल बाजार में उछाल, निवेशकों की बढ़ी चिंता
संघर्ष बढ़ने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई है। एशियाई बाजारों में ब्रेंट क्रूड करीब 1 प्रतिशत तक चढ़ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज मार्ग पर आवाजाही प्रभावित होती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है। यही वजह है कि निवेशक और तेल कंपनियां हालात पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
युद्धविराम पर संकट के बादल, शांति वार्ता की राह हुई मुश्किल
अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल में लागू युद्धविराम के बाद शांति की उम्मीद जगी थी, लेकिन ताजा घटनाओं ने उस उम्मीद को झटका दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान को कड़ा जवाब दिया जाएगा, जबकि तेहरान ने साफ कर दिया है कि किसी भी नए हमले का जवाब और अधिक सख्ती से दिया जाएगा। ऐसे में पूरे पश्चिम एशिया में बड़े सैन्य संघर्ष की आशंका फिर बढ़ती नजर आ रही है।