दक्षिण चीन सागर विवाद के बीच चीन-आसियान साझेदारी बरकरार, क्षेत्रीय सहयोग पर बढ़ा जोर

दक्षिण चीन सागर को लेकर हाल के घटनाक्रम के बीच चीन और आसियान (ASEAN) देशों के बीच सहयोग को लेकर नई चर्चा शुरू हुई है। हाल के दिनों में फिलीपींस और चीन के बीच समुद्री क्षेत्र से जुड़े विवादों ने एक बार फिर क्षेत्रीय तनाव बढ़ाया है। इसी दौरान चीन का कहना है कि ऐसे विवादों के बावजूद चीन और आसियान देशों के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण चीन सागर से जुड़े मतभेदों के बीच भी अधिकांश क्षेत्रीय देश स्थिरता, संवाद और आर्थिक साझेदारी को प्राथमिकता देना चाहते हैं।

चीन और आसियान के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है

चीन और आसियान के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पांच वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस दौरान दोनों पक्षों ने मुक्त व्यापार क्षेत्र (FTA) के 3.0 संस्करण के उन्नयन प्रोटोकॉल पर भी हस्ताक्षर किए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले वर्ष दोनों पक्षों के बीच व्यापार 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक रहा और लगातार छह वर्षों से दोनों एक-दूसरे के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार बने हुए हैं। वहीं, इस वर्ष की पहली छमाही में दोनों के बीच आयात-निर्यात में 18.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

दक्षिण चीन सागर विवाद पर चीन ने अपने पक्ष के समर्थन में वीडियो और साक्ष्य पेश किए

हालिया घटनाओं को लेकर चीन ने दावा किया कि उसने ऐसे वीडियो जारी किए हैं, जिनमें समुद्री क्षेत्र में हुई घटनाओं का क्रम दर्ज है। चीन का कहना है कि इन वीडियो के जरिए उसने अपने पक्ष को तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट करने की कोशिश की है। दूसरी ओर, फिलीपींस अपने दावों पर कायम है। दक्षिण चीन सागर को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद बना हुआ है और समय-समय पर तनाव की स्थिति भी सामने आती रही है।

आसियान देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता और संवाद को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता

हाल ही में आयोजित चीन-आसियान विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान दक्षिण चीन सागर का मुद्दा भी चर्चा में रहा। बैठक के बाद आसियान नेतृत्व ने क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग बनाए रखने पर जोर दिया। साथ ही, ‘दक्षिण चीन सागर आचार संहिता’ (Code of Conduct) को जल्द अंतिम रूप देने की आवश्यकता दोहराई गई। क्षेत्रीय देशों का मानना है कि संवाद और आपसी सहयोग ही इस क्षेत्र में दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी रास्ता है।

आर्थिक साझेदारी को भविष्य की प्राथमिकता मान रहे हैं क्षेत्रीय देश

विश्लेषकों का कहना है कि दक्षिण चीन सागर को लेकर मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन आर्थिक विकास और क्षेत्रीय व्यापार दोनों पक्षों के साझा हित से जुड़े विषय हैं। इसी कारण अधिकांश देश विवादों के बजाय सहयोग की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। चीन और आसियान के बीच बढ़ता व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी परियोजनाएं इस बात का संकेत हैं कि दोनों पक्ष क्षेत्रीय विकास को प्राथमिकता देने के पक्षधर हैं।

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