पर्यटन से आगे बढ़कर अब रक्षा उत्पादन की पहचान
मध्यप्रदेश का शिवपुरी अब केवल टाइगर रिजर्व, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिए ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़े अत्याधुनिक रक्षा उत्पादन के लिए भी पहचाना जाएगा। ग्वालियर-चंबल अंचल में स्थित शिवपुरी में 2500 करोड़ रुपये की लागत से बनने जा रहे अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की आधारशिला रख दी गई है। इस परियोजना के शुरू होने के साथ ही शिवपुरी देश के प्रमुख रक्षा उत्पादन केंद्रों की सूची में शामिल होने की दिशा में बढ़ गया है।
दक्षिण एशिया का बड़ा निजी डिफेंस प्लांट
पाली गांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के किनारे बनने वाला यह संयंत्र दक्षिण एशिया के निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा डिफेंस एवं एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बताया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक हथियार, गोला-बारूद, मिसाइल सिस्टम और आधुनिक रक्षा उपकरणों का निर्माण होगा। इनका उपयोग भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने में किया जाएगा।
सीएम ने रखी आधारशिला, सिंधिया भी रहे मौजूद
शिलान्यास समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तथा अदाणी समूह के निदेशक करण अदाणी और जीत अदाणी मौजूद रहे। कार्यक्रम से पहले सभी अतिथियों ने आधुनिक रक्षा उपकरणों और हथियारों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना मध्यप्रदेश को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएगी और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती प्रदान करेगी।
211 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 211 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग, आधारभूत संरचना और निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। शिवपुरी में डिफेंस प्लांट की स्थापना प्रदेश के औद्योगिक विकास का नया अध्याय साबित होगी।
5 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
सरकार का दावा है कि इस परियोजना से लगभग 5 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा। स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, वहीं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इससे पूरे ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।
शिवपुरी को मिली विकास की नई सौगात
मुख्यमंत्री ने शिवपुरी के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं। इनमें 120 करोड़ रुपये की लागत से 14 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क, मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजी यूनिट, खोड़ में नया महाविद्यालय, सुभाषपुरा को नई तहसील, पिछोर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, समोहा डैम तक नई सड़क, खनियाधाना में कृषि उपज मंडी, सांदीपनि विद्यालय और 200 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु अस्पताल शामिल हैं।
पर्यटन और उद्योग दोनों को मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवपुरी को पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। डिफेंस उद्योग, सड़क नेटवर्क, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हो रहे निवेश से यह जिला औद्योगिक, आर्थिक और पर्यटन विकास का नया मॉडल बनकर उभरेगा।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी मजबूती
रक्षा उपकरणों के स्वदेशी निर्माण से आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की सामरिक क्षमता मजबूत होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि शिवपुरी में बनने वाला यह संयंत्र न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे भारत के रक्षा उद्योग के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। यह परियोजना निवेश, रोजगार, तकनीक और राष्ट्रीय सुरक्षा—चारों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बदलती तस्वीर, बदलता शिवपुरी
एक समय पर्यटन और प्राकृतिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध शिवपुरी अब रक्षा उत्पादन, आधुनिक उद्योग और बड़े निवेश का नया केंद्र बनने जा रहा है। 2500 करोड़ रुपये का यह डिफेंस प्लांट केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश को भारत के उभरते डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।





