विदेश में करियर बनाने का सपना लेकर UK पहुंचे एक भारतीय दंपत्ति अब कठिन परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद भी एक साल तक स्थायी नौकरी नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। हाल ही में इस कपल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर अपनी कहानी साझा करते हुए बताया कि उन पर करीब ₹20 लाख का एजुकेशन लोन है, जिसे चुकाना उनके लिए चुनौती बन गया है। अब उनके सामने बड़ा सवाल है कि क्या UK में संघर्ष जारी रखें या भारत लौटकर स्थिर नौकरी स्वीकार करें।
उच्च शिक्षा के बाद भी नौकरी नहीं मिलने से बढ़ी चिंता और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति
कपल ने बताया कि वे MSc की पढ़ाई पूरी करने के बाद UK में ही काम करना चाहते थे, ताकि अंतरराष्ट्रीय अनुभव के साथ बेहतर करियर बना सकें। हालांकि लगभग एक साल बीत जाने के बाद भी उन्हें कोई फुल-टाइम नौकरी नहीं मिल पाई। इससे उनकी योजनाएं प्रभावित हुई हैं और भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
मोबाइल ऐप डेवलपमेंट में छह साल का अनुभव होने के बावजूद स्थायी अवसर नहीं मिल पाया
पति के पास मोबाइल ऐप डेवलपमेंट का लगभग छह वर्षों का अनुभव है, फिर भी उन्हें मनचाही नौकरी हासिल नहीं हो सकी। फिलहाल दोनों पार्ट-टाइम काम करके अपने खर्च पूरे करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आय इतनी नहीं है कि आर्थिक दबाव कम हो सके। इससे उनका आत्मविश्वास भी प्रभावित हुआ है।
भारत से मिला ₹21 लाख सालाना पैकेज का ऑफर, लेकिन UK में बेहतर भविष्य की उम्मीद अब भी कायम
कपल के सामने भारत से मिला एक मजबूत विकल्प भी है। पति को पुणे में ₹21 लाख सालाना पैकेज वाली नौकरी का प्रस्ताव मिला है, जो आर्थिक रूप से सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। इसके बावजूद वे UK में रुककर बेहतर अवसर पाने की उम्मीद भी छोड़ना नहीं चाहते, क्योंकि उनका वीज़ा अभी करीब डेढ़ साल के लिए वैध है।
₹20 लाख के एजुकेशन लोन का दबाव बना सबसे बड़ी चिंता, EMI चुकाने में आ रही मुश्किल
सबसे बड़ी परेशानी उनके ऊपर मौजूद लगभग ₹20 लाख का शिक्षा ऋण है। फिलहाल वे UK में पार्ट-टाइम आय से EMI नहीं चुका पा रहे हैं और भारत में जमा बचत से भुगतान करना पड़ रहा है। इससे वित्तीय दबाव लगातार बढ़ रहा है और जल्द निर्णय लेने की जरूरत महसूस हो रही है।
स्थिर करियर और विदेश में अवसर के बीच फंसा कपल, भविष्य को लेकर निर्णय कठिन
कपल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वे स्थिर नौकरी और विदेश में संभावनाओं के बीच फंसे हुए महसूस कर रहे हैं। उनका मानना है कि अगर UK में अच्छा अवसर मिल जाता है तो लंबे समय में फायदा हो सकता है, लेकिन भारत लौटने से तुरंत आर्थिक राहत मिल सकती है। अब वे सोच-समझकर अंतिम फैसला लेने की तैयारी कर रहे हैं।





