आज का मौसम, 17 जनवरी 2026: उत्तर भारत में शीतलहर का कहर, कई राज्यों में बारिश-बर्फबारी का अलर्ट

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एजेंसी पीटीआई के अनुसार, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर भारत के कई राज्यों में शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर का अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि आने वाले 2 से 3 दिनों तक ठंड का प्रकोप जारी रहेगा और लोगों को कड़ाके की सर्दी, कोहरे और गिरते तापमान से राहत मिलने की संभावना फिलहाल कम है।

IMD के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा में शीतलहर का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठंडी हवाओं और घने कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। खासतौर पर सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम हो रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ रहा है।

NCR में ठंड और कोहरे ने बढ़ाई परेशानी

दिल्ली-एनसीआर के गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद में कड़ाके की ठंड के साथ घना कोहरा छाया हुआ है। सुबह के समय दृश्यता कई इलाकों में बेहद कम दर्ज की गई, जिससे ऑफिस जाने वाले लोगों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है, वहीं ठंडी हवाएं सर्दी का एहसास और बढ़ा रही हैं।

पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने बताया है कि 17 से 21 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है।
वहीं 18 से 20 जनवरी के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है।

राजस्थान में शीतलहर और घने कोहरे का असर

पश्चिमी राज्य राजस्थान के कई हिस्सों में शीतलहर और घने कोहरे का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार, 17 और 18 जनवरी को एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से राज्य के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में कहीं-कहीं आंशिक बादल छाए रह सकते हैं।
हालांकि, आगामी कुछ दिनों में तापमान में मामूली बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है, जिससे दिन के समय हल्की राहत मिल सकती है।

22 जनवरी के बाद बदल सकता है मौसम का मिजाज

IMD ने यह भी संकेत दिया है कि 22 से 24 जनवरी के बीच एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है। इसके असर से उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और बारिश तथा बर्फबारी की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

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