पहली बार BRICS सदस्य के रूप में इंडोनेशिया…नई भूमिका को लेकर उत्साह
नई दिल्ली में भारत की अध्यक्षता में हो रहा 18वां BRICS शिखर सम्मेलन इंडोनेशिया के लिए भी खास महत्व रखता है। इंडोनेशिया की स्वतंत्र पत्रकार मेगा मेई वाहिदावती ने भारत की मेजबानी की तारीफ करते हुए इसे शानदार और रोमांचक आयोजन बताया। उनका उत्साह इसलिए भी खास है क्योंकि इंडोनेशिया पहली बार BRICS के सदस्य देश के तौर पर इस सम्मेलन में हिस्सा ले रहा है। यानी इंडोनेशिया के लिए यह सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मंच पर अपनी नई भूमिका को सामने रखने का अवसर भी है। पत्रकार का कहना है कि इंडोनेशियाई प्रतिनिधिमंडल यह देखने के लिए उत्सुक है कि सम्मेलन से क्या हासिल किया जा सकता है। यह बयान बताता है कि BRICS के विस्तार के बाद नए सदस्य देशों के लिए यह मंच कितना महत्वपूर्ण हो गया है।
भारत की मेजबानी ने खींचा ध्यान..आयोजन को बताया शानदार
इंडोनेशियाई पत्रकार की प्रतिक्रिया भारत की मेजबानी को लेकर सकारात्मक माहौल की झलक देती है। उन्होंने आयोजन को शानदार बताया और कहा कि पूरा अनुभव रोमांचक है। किसी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की सफलता केवल बैठकों और घोषणाओं से तय नहीं होती। प्रतिनिधियों और विदेशी मीडिया का अनुभव भी उसकी छवि का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। ऐसे में भारत में आयोजन की व्यवस्थाओं और मेजबानी को लेकर विदेशी पत्रकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया भारत की वैश्विक छवि के लिहाज से भी अहम है। भारत इस बार BRICS की अध्यक्षता ऐसे समय कर रहा है, जब समूह का विस्तार हो चुका है और ग्लोबल साउथ की भूमिका को लेकर दुनिया भर में चर्चा बढ़ी है। ऐसे में आयोजन की हर छोटी-बड़ी चीज पर अंतरराष्ट्रीय नजर है।
प्रेस किट में भारतीय रंग.. कूटनीति के साथ संस्कृति की झलक
मेगा मेई वाहिदावती ने सम्मेलन की प्रेस किट का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्हें एक बैग मिला है, जिसमें कई भारतीय चीजें शामिल हैं और यह उन्हें काफी दिलचस्प लगा। यह छोटी-सी बात भारत की उस सॉफ्ट पावर को सामने लाती है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के जरिए भारतीय संस्कृति, परंपरा और स्थानीय पहचान को दुनिया के सामने पेश किया जाता है। BRICS जैसे बड़े मंच पर आए विदेशी प्रतिनिधियों को केवल बैठकों और नीतिगत चर्चाओं का हिस्सा बनाना ही पर्याप्त नहीं होता। उन्हें भारत की संस्कृति और विविधता से जोड़ना भी देश की कूटनीतिक छवि को मजबूत करता है। प्रेस किट में भारतीय वस्तुओं की मौजूदगी इसी सांस्कृतिक जुड़ाव का एक छोटा लेकिन प्रभावी उदाहरण है।
गुजरात से कनेक्शन…हिंदी बोलने पर पत्रकार ने खोला राज
इस पूरे बयान का सबसे दिलचस्प हिस्सा मेगा मेई वाहिदावती का भारत से निजी जुड़ाव है। उन्होंने बताया कि वह दो साल तक गुजरात में छात्रा रही हैं। यही वजह है कि वह हिंदी बोल सकती हैं। उनका यह खुलासा सम्मेलन की औपचारिकता के बीच एक मानवीय और दिलचस्प पहलू जोड़ देता है। एक इंडोनेशियाई पत्रकार का भारत आना और फिर हिंदी में संवाद करना दोनों देशों के बीच लोगों के स्तर पर मौजूद जुड़ाव की झलक देता है। भारत और इंडोनेशिया के संबंध सिर्फ सरकारों और संस्थानों तक सीमित नहीं हैं। शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क भी दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। गुजरात में उनकी पढ़ाई इसी व्यापक जुड़ाव की एक व्यक्तिगत मिसाल है।
BRICS से आगे की उम्मीद…इंडोनेशिया की नई भूमिका पर नजर
इंडोनेशिया के लिए BRICS की सदस्यता वैश्विक मंच पर उसकी भूमिका बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। वहीं भारत की अध्यक्षता वाला यह सम्मेलन उसके लिए पहली बड़ी भागीदारी में से एक है, इसलिए इंडोनेशियाई पक्ष की उम्मीदें भी स्वाभाविक रूप से अधिक हैं। मेगा मेई वाहिदावती का बयान इसी उत्सुकता को सामने लाता है। वह यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि इंडोनेशिया इस मंच से क्या हासिल कर सकता है। इसका अर्थ व्यापक स्तर पर यह है कि नए सदस्य देश BRICS को केवल आर्थिक समूह के तौर पर नहीं, बल्कि वैश्विक दक्षिण की सामूहिक आवाज और सहयोग के बड़े मंच के रूप में देख रहे हैं। कुल मिलाकर, एक इंडोनेशियाई पत्रकार की प्रतिक्रिया भारत की BRICS अध्यक्षता की तस्वीर का एक अलग पहलू सामने लाती है। आयोजन की तारीफ, भारतीय चीजों से प्रभावित होना और गुजरात में बिताए दो वर्षों का अनुभव—ये तीनों बातें भारत की मेजबानी, संस्कृति और लोगों के बीच रिश्तों को एक साथ जोड़ती हैं। वहीं इंडोनेशिया की पहली BRICS सदस्य के तौर पर भागीदारी इस सम्मेलन को उसके लिए ऐतिहासिक बनाती है।