- काशी विश्वनाथ मंदिर में सुरक्षा के बीच हादसा: PAC जवान की राइफल से चली गोली, तीन श्रद्धालु घायल
वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में शनिवार सुबह एक अप्रत्याशित घटना ने कुछ देर के लिए सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं के बीच हलचल पैदा कर दी। मंदिर के गेट नंबर 4B पर ड्यूटी दे रहे प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) के एक जवान की सरकारी राइफल से अचानक गोली चल गई। घटना में गोली सीधे किसी व्यक्ति को नहीं लगी, लेकिन उसके छर्रे वहां मौजूद तीन लोगों को लग गए, जिससे वे मामूली रूप से घायल हो गए।
यह घटना उस समय हुई जब मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही सामान्य रूप से जारी थी। गोली चलने की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोगों में कुछ क्षणों के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि सुरक्षा बलों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए स्थिति को नियंत्रण में ले लिया और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भेजा। इससे किसी बड़ी अनहोनी को टालने में सफलता मिली।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक तेज आवाज सुनाई दी, जिसके बाद लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। शुरुआत में कई लोगों को लगा कि कोई गंभीर सुरक्षा घटना हुई है, लेकिन कुछ ही देर बाद अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि यह किसी हमले का मामला नहीं, बल्कि हथियार से दुर्घटनावश गोली चलने की घटना है।
घटना में घायल हुए तीनों लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए भेजा गया। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें छर्रों से हल्की चोटें आई हैं और उनकी स्थिति पूरी तरह सामान्य है। राहत की बात यह रही कि गोली सीधे किसी श्रद्धालु को नहीं लगी। यदि ऐसा होता तो हादसा कहीं अधिक गंभीर हो सकता था।
सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और मंदिर प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंच गए। पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई गई और संबंधित जवान से भी पूछताछ की गई। साथ ही जिस हथियार से गोली चली, उसकी तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गोली किन परिस्थितियों में चली और कहीं हथियार में कोई तकनीकी खराबी तो नहीं थी।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर देश के सबसे संवेदनशील धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी कारण मंदिर की सुरक्षा बहुस्तरीय व्यवस्था के तहत की जाती है। परिसर में पुलिस, PAC और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान लगातार तैनात रहते हैं। प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच के बाद ही श्रद्धालुओं को अंदर जाने की अनुमति दी जाती है।
ऐसे उच्च सुरक्षा वाले परिसर में हथियार से दुर्घटनावश गोली चलने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था के संचालन और हथियारों के सुरक्षित उपयोग को लेकर कई सवाल भी खड़े किए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ड्यूटी के दौरान हथियारों का संचालन अत्यंत सावधानी से किया जाना चाहिए। नियमित प्रशिक्षण और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन ऐसी घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम कर सकता है।
प्रारंभिक जानकारी के आधार पर अधिकारियों का कहना है कि यह एक आकस्मिक दुर्घटना प्रतीत होती है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना मानवीय भूल का परिणाम थी या फिर हथियार में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या थी। यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जवान के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
घटना के बावजूद मंदिर में दर्शन-पूजन की व्यवस्था सामान्य रही। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें, क्योंकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सुरक्षा एजेंसियों ने भी आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। शुरुआती तथ्यों के अनुसार यह सुरक्षा में सेंध या किसी आपराधिक साजिश का मामला नहीं, बल्कि ड्यूटी के दौरान हुई एक दुर्घटना है। फिर भी जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।
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