हनुमान अंश…फिल्म विवाद से लाइसेंस एक्शन तक, गेटी गैलेक्सी पर गिरी गाज

Hanuman Ansh from the film controversy to license related action the axe has fallen on Getty Galaxy

मुंबई का मशहूर गेटी गैलेक्सी थिएटर एक फिल्म के शो को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद अब खुद कार्रवाई के घेरे में आ गया है। बांद्रा स्थित यह आइकॉनिक सिनेमाघर करीब पांच दशक से दर्शकों के बीच अपनी अलग पहचान रखता है, लेकिन ‘हनुमान अंश’ के शो को लेकर शुरू हुआ विवाद अब थिएटर के लाइसेंस और जरूरी प्रमाण पत्रों तक पहुंच गया है।

मामला उस वक्त गरमाया जब ‘हनुमान अंश’ फिल्म का शो गेटी गैलेक्सी में नहीं लगाया गया। इसके विरोध में कुछ लोग थिएटर के बाहर पहुंच गए और प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने थिएटर पर एक विशेष धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए जगह उपलब्ध कराने जैसे आरोप भी लगाए। इसी दौरान ‘मिर्जापुर’ फिल्म के पोस्टर फाड़े जाने की घटना भी सामने आई। हंगामे के बाद मुंबई पुलिस ने मामले में करीब 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया और जांच शुरू की। इसी जांच के दौरान पुलिस की नजर थिएटर के संचालन से जुड़े दस्तावेजों पर भी गई।

यहीं से इस पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया।

जांच में पुलिस के मुताबिक सामने आया कि गेटी गैलेक्सी के थिएटर लाइसेंस का 2021-22 के बाद से नवीनीकरण नहीं कराया गया था। इसके अलावा थिएटर में कुछ तकनीकी खामियां भी मिलीं। जांच में यह भी सामने आया कि संचालन के लिए जरूरी कुछ अन्य प्रमाण पत्रों का नवीनीकरण भी नहीं कराया गया था। यानी जिस थिएटर पर फिल्म के शो को लेकर विवाद शुरू हुआ था, जांच आगे बढ़ने पर मामला नियमों और लाइसेंसिंग व्यवस्था तक पहुंच गया। नियमों के उल्लंघन को लेकर थिएटर संचालकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद पुलिस की कार्रवाई में थिएटर को बंद कर दिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब 50 साल से संचालित एक चर्चित थिएटर का लाइसेंस और जरूरी प्रमाण पत्र समय पर रिन्यू क्यों नहीं हुए? अगर लंबे समय से दस्तावेजों में कमी थी, तो संबंधित विभागों की नियमित जांच और निगरानी पर भी सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। दूसरी तरफ, ‘हनुमान अंश’ को लेकर हुआ विवाद इस मामले का शुरुआती ट्रिगर जरूर बना, लेकिन थिएटर के खिलाफ कार्रवाई का आधार पुलिस जांच में सामने आए लाइसेंस और प्रमाण पत्रों से जुड़े कथित उल्लंघन बताए जा रहे हैं। गेटी गैलेक्सी सिर्फ एक थिएटर नहीं, बल्कि मुंबई की सिनेमाई संस्कृति का जाना-पहचाना नाम है। ऐसे में उसका बंद होना अपने आप में बड़ी खबर है। लेकिन इस पूरे प्रकरण का असली निष्कर्ष जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यही है—फिल्म का शो बना विवाद, विवाद ने शुरू कराई जांच और जांच पहुंच गई थिएटर के लाइसेंस तक।

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