सोना और चांदी खरीदने वालों के लिए 19 जून राहत भरा दिन लेकर आया है। घरेलू सर्राफा बाजार से लेकर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) तक दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार कर रहे सोने और चांदी के भाव में अब नरमी देखने को मिल रही है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मुनाफावसूली, मांग में कमी और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकेतों के चलते कीमतों पर दबाव बना है। ऐसे में निवेशक और खरीदार दोनों ताजा रेट पर नजर बनाए हुए हैं।
देश के प्रमुख शहरों में 19 जून का सोना भाव
आज कई बड़े शहरों में सोने के दाम में गिरावट दर्ज की गई। भोपाल में भी कीमतें लगभग मध्य भारत के अन्य शहरों के समान स्तर पर बनी हुई हैं।
| शहर | 24 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) | 22 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) |
|---|---|---|
| दिल्ली | ₹14,965 | ₹13,719 |
| मुंबई | ₹14,950 | ₹13,704 |
| कोलकाता | ₹14,950 | ₹13,704 |
| चेन्नई | ₹14,790 | ₹13,570 |
| भोपाल | ₹14,955 | ₹13,710 |
| इंदौर | ₹14,955 | ₹13,710 |
| जयपुर | ₹14,965 | ₹13,719 |
| लखनऊ | ₹14,965 | ₹13,719 |
चांदी में भी आई बड़ी गिरावट, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी
चांदी के बाजार में भी आज तेज गिरावट देखने को मिली। एमसीएक्स पर चांदी का भाव टूटकर करीब ₹2,37,620 प्रति किलोग्राम के आसपास पहुंच गया। वहीं देश के अलग-अलग शहरों में चांदी की कीमत लगभग ₹2,38,700 से ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम के बीच बनी हुई है। सिल्वर ईटीएफ में बिकवाली बढ़ने से भी कीमतों पर असर पड़ा है। बाजार जानकारों का कहना है कि हालिया गिरावट के बाद चांदी में दोबारा निवेशकों की रुचि बढ़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय संकेत और ब्याज दरों की चर्चा से बदला बाजार का मूड
कीमती धातुओं की कीमतों में आई गिरावट के पीछे वैश्विक कारण भी अहम माने जा रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से भविष्य में ब्याज दरों को लेकर दिए गए संकेतों ने निवेशकों की रणनीति बदल दी है। जब ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बनती है, तब निवेशक सुरक्षित निवेश विकल्पों से पैसा निकालकर बॉन्ड और अन्य वित्तीय साधनों की ओर रुख करते हैं। इसका सीधा असर सोने और चांदी की मांग पर पड़ता है।
शादी सीजन की सुस्ती और मुनाफावसूली ने भी डाले असर
विशेषज्ञों के अनुसार हाल के दिनों में सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गए थे। ऐसे में कई निवेशकों ने ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली करना शुरू कर दिया। दूसरी ओर शादी-ब्याह के सीजन में कमी आने से ज्वेलरी की मांग भी कुछ कमजोर हुई है। मांग घटने और बिकवाली बढ़ने के कारण कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है। हालांकि बाजार विशेषज्ञ खरीदारी से पहले स्थानीय सर्राफा बाजार में ताजा रेट की पुष्टि करने की सलाह दे रहे हैं।
नोट- हमारे द्वारा दी गई सोने-चांदी की दरें सांकेतिक हैं और इसमें जीएसटी, टीसीएस और मेकिंग चार्ज जैसे अन्य शुल्क शामिल नहीं हैं. सटीक दरों के लिए अपने स्थानीय जौहरी या ज्वैलर्स शॉप से संपर्क करें.