अगर आपके परिवार में शादी या कोई बड़ा समारोह आने वाला है और आप सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो आज के ताजा भाव जानना जरूरी है। 18 सितंबर को घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी के दाम में गिरावट आई है। सोना खरीदने वालों के लिए आज कीमत में मामूली तेजी देखने को मिली है, वहीं चांदी लेने वालों को कल के मुकाबले कुछ राहत मिली है। बाजार में रोज होने वाले उतार-चढ़ाव का सीधा असर खरीदारी के बजट पर पड़ता है। ऐसे में खरीदारी से पहले मौजूदा कीमत और बाजार की दिशा को समझना फायदेमंद रहता है। आज सोने का भाव 1,49,200 रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है, जबकि चांदी 2,34,310 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं की कीमतों में बदलाव देखने को मिल रहा है।
घरेलू सर्राफा बाजार में सोने की कीमत आज 200 रुपये प्रति 10 ग्राम बढ़ी
घरेलू बाजार में 18 सितंबर को सोने के भाव में 200 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी दर्ज की गई। पिछले दिन यानी 17 सितंबर को सोना 1,49,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था। आज इसकी कीमत बढ़कर 1,49,200 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई। यानी एक दिन में सोने के दाम में 200 रुपये का इजाफा हुआ है। शादी या अन्य कार्यक्रमों के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि ज्यादा मात्रा में खरीदारी करने पर कीमत में मामूली बदलाव भी कुल खर्च पर असर डाल सकता है।
चांदी के खरीदारों को मिली राहत, कीमत 476 रुपये प्रति किलो नीचे आई
सोने के उलट आज चांदी की कीमत में गिरावट देखने को मिली। 17 सितंबर को चांदी का भाव 2,34,786 रुपये प्रति किलोग्राम था। 18 सितंबर को इसमें 476 रुपये की कमी आई और कीमत घटकर 2,34,310 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। इसके अलावा चांदी का सिक्का आज 2,700 रुपये प्रति नग के भाव पर बिका। चांदी की खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए एक दिन में आई यह गिरावट कीमत में कुछ राहत देने वाली रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमत भी मामूली कमजोरी के साथ कारोबार कर रही है
वैश्विक बाजार की बात करें तो वहां भी कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 64.87 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों का असर घरेलू बाजार पर भी देखने को मिलता है। इसलिए भारत में सोने और चांदी के दाम तय होने में वैश्विक कीमतों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
डॉलर और रुपये की चाल से भारत में सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है सीधा असर
भारत में सोने और चांदी की कीमतें केवल घरेलू मांग और आपूर्ति से तय नहीं होतीं। देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में इन धातुओं का कारोबार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है। ऐसे में अगर डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है, तो आयात की लागत बढ़ सकती है और इसका असर घरेलू बाजार में सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ सकता है। यही वजह है कि वैश्विक आर्थिक गतिविधियों और मुद्रा बाजार में बदलाव के साथ इनके दाम भी लगातार बदलते रहते हैं।