52वीं G7 समिट फ्रांस के एवियन में शुरू हो चुकी है। दो दिन तक चलने वाली इस समिट में सात देशों के समूह के नेताओं के साथ-साथ चीन, भारत, ब्राज़ील, केन्या और दक्षिण कोरिया के प्रतिनिधि भी शामिल हों रहे हैं।
इसमें सात देशों के ग्रुप के लीडर्स के साथ-साथ चीन, इंडिया, ब्राज़ील, केन्या और साउथ कोरिया के रिप्रेजेंटेटिव भी दो दिन के इस समिट में मौजूद रहेंगे। इस साल के समिट के टॉप पॉइंट्स में यूक्रेन और ईरान में चल रहे युद्ध शामिल होंगे। हालांकि US और ईरान ने दुश्मनी खत्म करने के लिए एक डील की है, लेकिन यूक्रेन में लड़ाई जारी है, जहां सोमवार को कीव कैथेड्रल पर रूस के नए हमले में कम से कम 11 लोग मारे गए।
इसमें कौन-कौन शामिल हो रहा है?
इस बार फ्रांस कर रहा गहै अध्यक्षता
G7 की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता अभी फ्रांस के पास है। G7 में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और अमेरिका के साथ-साथ यूरोपीय संघ भी शामिल है।
G7 देशों के नेताओं में इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची, यूके के प्रधानमंत्री सर कीर स्टारमर और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ हैं।
इसके अलावा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा शिखर सम्मेलन में यूरोपीय संघ का प्रतिनिधित्व करेंगे।
फ्रांस ने कई देशों के प्रतिनिधियों का शामिल किया है
G7 देशों के साथ-साथ, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने G7 से बाहर के कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को भी आमंत्रित किया है। इनमें शामिल हैं –भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीमिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी
ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग
केन्या के राष्ट्रपति विलियम समोई रुटो
फ्रांसीसी प्रेसिडेंसी के एक बयान में कहा गया है, “ये सहयोगी देश साल की शुरुआत से ही समिट की तैयारी से जुड़ी चर्चाओं में सक्रिय रूप से योगदान दे रहे हैं।”
एजेंडा क्या है?
G7 समिट 2026 की फ्रांसीसी प्रेसिडेंसी की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, इस साल के समिट के मुख्य लक्ष्य ये हैं –
बड़े भू-राजनीतिक संकटों को सुलझाना, जिसमें यूक्रेन और यूक्रेन के लोगों को G7 का समर्थन शामिल है;
बच्चों से जुड़े मामले, जैसे उनके विकास में मदद करना और ऑनलाइन सुरक्षा;
ऑर्गनाइज़्ड क्राइम (संगठित अपराध) और गैर-कानूनी गतिविधियों के खिलाफ लड़ाई;
ग्लोबल गवर्नेंस (वैश्विक शासन) के नए नियम।





