Thursday, October 29, 2026
  • Contact
India News
  • मुख्य समाचार
  • राजनीति
  • संपादक की पसंद
  • शहर और राज्य
    • उत्तर प्रदेश
      • आगरा
      • कानपुर
      • लखनऊ
      • मेरठ
    • छत्तीसगढ
      • जगदलपुर
      • बिलासपुर
      • भिलाई
      • रायपुर
    • दिल्ली
    • बिहार
      • पटना
    • मध्य प्रदेश
      • इंदौर
      • ग्वालियर
      • जबलपुर
      • भोपाल
    • महाराष्ट्र
      • नागपुर
      • नासिको
      • पुणे
      • मुंबई
    • राजस्थान
      • अजमेर
      • कोटा
      • जयपुर
      • जैसलमेर
      • जोधपुर
  • स्टार्टअप
  • कृषि
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • धर्म
  • ऑटो
  • सरकारी नौकरी
  • वीडियो
No Result
View All Result
India News
Home मुख्य समाचार

गूगल और मेटा पर ED का शिकंजा: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के विज्ञापनों को लेकर नोटिस, 21 जुलाई को पूछताछ

DigitalDesk by DigitalDesk
July 19, 2025
in Uncategorized
0
ED tightens its grip on Google and Meta notice issued for advertisements of online betting apps
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterWhatsapp

गूगल और मेटा पर ईडी का शिकंजा: ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स के विज्ञापनों को लेकर नोटिस, 21 जुलाई को पूछताछ

भारत में ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते जाल के बीच, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने टेक दिग्गज गूगल और मेटा (फेसबुक की पेरेंट कंपनी) को नोटिस जारी किया है। ईडी का आरोप है कि इन दोनों कंपनियों ने सट्टेबाजी ऐप्स के विज्ञापन को प्रमुखता से दिखाया, जिससे ऐसे अवैध ऐप्स को व्यापक पहुंच मिली और लोगों को गुमराह किया गया। नोटिस में 21 जुलाई को दोनों कंपनियों के प्रतिनिधियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। यह कदम सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े बढ़ते मामलों की जांच का हिस्सा है।

Related posts

Rahul invite all opposition MP to Delhi after Karwa Chauth

SIR पर संग्राम, दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन!…करवा चौथ के बाद विपक्ष के सभी सांसदों को राहुल ने क्यों बुलाया दिल्ली जानें क्या है वजह?

October 28, 2026
Indian who lived in Japan for 11 years bought a three-story house

11 साल जापान में रहा भारतीय, फिर खरीदा तीन मंजिला घर, 0.59% ब्याज पर लिया होम लोन

October 28, 2026

गूगल-मेटा को नोटिस: सट्टेबाजी ऐप्स के प्रमोशन का मामला गरमाया

प्रवर्तन निदेशालय का मानना है कि इन ऐप्स के प्रमोशन से करोड़ों रुपये का अवैध लेन-देन हुआ है, और इस पूरी प्रक्रिया में सोशल मीडिया एवं सर्च इंजन की भूमिका अहम रही। यही वजह है कि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स भी जांच एजेंसियों के रडार पर आ गए हैं।

  • गूगल और मेटा पर ईडी का शिकंजा
  • ईडी ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में भेजा नोटिस
  • ईडी का आरोप..ऐप्स के विज्ञापनों को प्रमुखता से किया प्रदर्शित
  • 21 जुलाई 2025 को गूगल और मेटा के प्रतिनिधियों से पूछताछ
  • ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते प्रभाव को रोकने की कवायद
  • ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स का प्रमोशन पड़ेगा महंगा
  • ऑनलाइन सट्टेबाजी के ऐड दिखाए जाने को लेकर होंगे सवाल
  • प्लेटफॉर्म्स के जरिए कैसे की गई करोड़ों रुपये की काली कमाई

विज्ञापन की भूमिका पर सवाल: क्या डिजिटल प्लेटफॉर्म्स ने निभाई जिम्मेदारी?

ईडी के अधिकारियों का कहना है कि सट्टेबाजी ऐप्स ने गूगल, फेसबुक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर भारी प्रचार किया, जिससे उनकी लोकप्रियता और डाउनलोड्स में बेतहाशा वृद्धि हुई। कुछ विज्ञापन “फास्ट मनी”, “इंस्टेंट रिचनेस” और “100% गारंटीड इनकम” जैसे भ्रामक दावों के साथ प्रसारित किए गए थे। ईडी यह जांच कर रही है कि क्या गूगल और मेटा ने इन विज्ञापनों को प्रमोट करने से पहले उनके कानूनी पक्ष या नीतिगत शुद्धता की जांच की थी। यदि नहीं, तो यह आईटी अधिनियम और मनी लॉन्ड्रिंग के नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है। इसके अलावा, ईडी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इन विज्ञापनों से हुई आय को किसी तरह से बेनामी या अवैध खातों में ट्रांसफर किया गया।

सट्टेबाजी नेटवर्क पर देशभर में कार्रवाई
बॉलीवुड और टॉलीवुड के सितारे भी रडार पर

ऑनलाइन सट्टेबाजी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए ईडी ने पिछले कुछ महीनों में देशभर में कई हाई-प्रोफाइल छापेमारी की है। खासतौर पर तेलंगाना में की गई जांच में कई फिल्मी हस्तियों के नाम सामने आए हैं, जिनमें विजय देवरकोंडा, राणा दग्गुबाती और प्रकाश राज जैसे चर्चित कलाकार शामिल हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म्स के प्रमोशन में हिस्सा लिया। ईडी ने इन सितारों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये हस्तियां सट्टेबाजी से संबंधित धन को छुपाने या वैध बनाने में किसी तरह की भूमिका निभा रही थीं।

करोड़ों की बरामदगी: नकद, घड़ियाँ और गाड़ियाँ जब्त

ईडी की हालिया छापेमारी (15 जुलाई) मुंबई और ठाणे में हुई, जहां अवैध डब्बा ट्रेडिंग और सट्टेबाजी नेटवर्क पर कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में 3 करोड़ रुपये की नकदी, महंगी लग्जरी घड़ियाँ, और विदेशी गाड़ियों को जब्त किया गया। ईडी ने यह भी खुलासा किया कि इस नेटवर्क के तार कई विदेशी बैंकों, डिजिटल वॉलेट्स और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े हैं। इन छापों के दौरान कुछ सर्वर, हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कई फर्जी कंपनियों और शेल अकाउंट्स का इस्तेमाल कर अवैध पैसा सफेद किया जा रहा था।

21 जुलाई को पूछताछ: डिजिटल दिग्गजों के जवाब पर टिकी नजर
अब सबकी निगाहें 21 जुलाई पर टिकी हैं, जब गूगल और मेटा के प्रतिनिधियों से ईडी पूछताछ करेगी। इसमें यह जानने की कोशिश होगी कि क्या कंपनियों को पता था कि जिन ऐप्स का प्रचार किया जा रहा है वे गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल हैं? क्या पेड प्रमोशन के लिए कंपनियों ने किसी भी प्रकार की वैधता जांच की थी?। कितनी रकम इन ऐप्स से विज्ञापन राजस्व के रूप में प्राप्त की गई?। क्या इन फंड्स की कोई रिपोर्टिंग वित्तीय नियामक संस्थाओं को की गई?। सूत्रों की मानें तो ईडी इस पूछताछ के बाद इन कंपनियों से दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन के रिकॉर्ड भी मांग सकती है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो आगे चलकर आपराधिक कार्रवाई भी की जा सकती है।

डिजिटल स्पेस में जिम्मेदारी तय करने की चुनौती

ईडी की यह कार्रवाई एक बड़ी बहस को जन्म दे रही है: क्या डिजिटल कंपनियां सिर्फ प्लेटफॉर्म हैं या जिम्मेदार साझेदार भी? गूगल और मेटा जैसे ग्लोबल टेक दिग्गजों के लिए भारत जैसे बड़े बाजार में अब यह स्पष्ट करना आवश्यक हो गया है कि वे किस तरह की सामग्री और विज्ञापन को बढ़ावा देते हैं। ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप्स का प्रमोशन एक गंभीर सामाजिक और आर्थिक चुनौती बन चुका है, जिससे युवाओं में लत, कर्ज और आत्महत्याओं तक की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि गूगल और मेटा कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी को कैसे निभाते हैं। भारत सरकार भी आने वाले समय में डिजिटल विज्ञापन नीतियों को और अधिक सख्त और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा सकती है। यह मामला केवल गूगल और मेटा तक सीमित नहीं रहेगा – यह आने वाले समय में पूरे डिजिटल इकोसिस्टम को जवाबदेही के दायरे में लाने वाला एक मील का पत्थर साबित हो सकता है। प्रकाश कुमार पांडेय

Tags: #advertisement of online betting apps#ED tightens its grip on Google and Meta#Google and Meta notice issued
LIVE India News

लाइव इंडिया न्यूज 2016 से आप तक खबरें पंहुचा रहा है। लाइव इंडिया वेबसाइट का मकसद ब्रेकिंग, नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, बिजनेस और अर्थतंत्र से जुड़े हर अपडेट्स सही समय पर देना है। देश के हिंदी भाषी राज्यों से रोजमर्रा की खबरों से लेकर राजनीति नेशनल व इंटरनेशनल मुद्दों से जुडी खबरें और उनके पीछे छुपे सवालों को बेधड़क सामने लाना, देश-विदेश के राजनैतिक, आर्थिक और सामाजिक मुद्दों का विश्लेषण बेबाकी से करना हमारा मकसद है।

Vihan Limelite Event & Entertainment Pvt Ltd
Regd Office Flat No 1
Mig 3 E 6
Arera Colony Bhopal

Branch Office
Main Road. Tikraparaa
Raipur CG

Director Deepti Chaurasia
Mobile No 7725016291

Email id - liveindianewsandviews@gmail.com

Currently Playing

Karwa Chauth: ट्रेडिशन से फैशन तक करवाचौथ का सफर, अब पारंपरिक करवा की जगह ले रहे आकर्षक डिजाइनर करवा

Karwa Chauth: ट्रेडिशन से फैशन तक करवाचौथ का सफर, अब पारंपरिक करवा की जगह ले रहे आकर्षक डिजाइनर करवा

Karwa Chauth: ट्रेडिशन से फैशन तक करवाचौथ का सफर, अब पारंपरिक करवा की जगह ले रहे आकर्षक डिजाइनर करवा

धर्म
Modi Yogi 75 minute meeting

मोदी-योगी की सवा घंटे की मुलाकात, यूपी में चुनावी गणित और संगठन की अगली चाल

उत्तर प्रदेश
अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्टर?

मनोरंजन

RSS feed: Unknown Feed Unknown Feed

  • Contact

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

No Result
View All Result
  • Home
  • मुख्य समाचार
  • शहर और राज्य
  • राजनीति
  • बिजनेस
  • संपादक की पसंद
  • मनोरंजन
  • स्टार्टअप
  • धर्म
  • कृषि

© Copyright 2022,LIVE INDIA NEWS. All Rights Reserved | Email: Info@liveindia.news

Go to mobile version