क्या आपकी कार ज्यादातर समय पार्किंग में खड़ी रहती है? अगर सप्ताहभर में कार सिर्फ 20-30 किलोमीटर ही चलती है, तो कम ड्राइविंग को हल्के में लेना महंगा पड़ सकता है। कार को नुकसान सिर्फ ज्यादा चलाने से नहीं, बल्कि लंबे समय तक बिल्कुल न चलाने से भी हो सकता है।
बैटरी—सबसे पहले यहीं आ सकती है दिक्कत
कार बंद होने के बावजूद उसके कई इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम पूरी तरह निष्क्रिय नहीं होते। अलार्म, सेंसर और कंप्यूटर सिस्टम थोड़ी-बहुत बिजली लेते रहते हैं। ऐसे में लंबे समय तक कार खड़ी रहने पर बैटरी कमजोर या डिस्चार्ज हो सकती है।
टायर पर लगातार एक ही दबाव
लंबे समय तक एक ही जगह खड़ी कार में टायर के एक हिस्से पर लगातार वजन पड़ता रहता है। इससे फ्लैट स्पॉट बनने की आशंका रहती है। कार दोबारा चलाने पर शुरुआती कुछ किलोमीटर में कंपन या असामान्य महसूस हो सकता है।
ब्रेक भी मांगते हैं इस्तेमाल
कार लंबे समय तक खड़ी रहे तो ब्रेक डिस्क पर सतही जंग जम सकती है। सामान्य ड्राइविंग और ब्रेक लगाने से यह अक्सर साफ हो जाती है, लेकिन लगातार निष्क्रियता में ब्रेक सिस्टम की स्थिति पर असर पड़ सकता है।
सिर्फ इंजन स्टार्ट करना काफी नहीं
कई लोग सोचते हैं कि सप्ताह में एक-दो बार कार को कुछ मिनट स्टार्ट कर देना पर्याप्त है। लेकिन खड़ी कार को सिर्फ आइडल पर चलाना और सड़क पर सामान्य ड्राइव करना एक जैसा नहीं है। कार को वास्तविक ड्राइव पर ले जाने से इंजन, ब्रेक, टायर और दूसरे सिस्टम काम करते हैं। इससे कार को लंबे समय तक निष्क्रिय रखने से होने वाली कुछ समस्याओं का जोखिम कम किया जा सकता है।
कितनी ड्राइव जरूरी है?
यह कहना सही नहीं होगा कि हर कार को हर सप्ताह कोई निश्चित 70 या 800 किलोमीटर चलाना ही जरूरी है। जरूरत कार के मॉडल, उम्र, बैटरी, मौसम और निर्माता की सलाह पर निर्भर करती है। व्यावहारिक तौर पर, अगर कार लंबे समय तक खड़ी रहती है तो समय-समय पर 20-30 मिनट की सामान्य ड्राइव ज्यादा उपयोगी हो सकती है। साथ ही टायर प्रेशर जांचते रहें और कार की सर्विस सिर्फ किलोमीटर के आधार पर नहीं, बल्कि समय-आधारित सर्विस शेड्यूल के अनुसार भी कराएं।
सबसे जरूरी बात
कार को स्वस्थ रखने का मतलब सिर्फ उसे कम चलाना नहीं है। लंबी अवधि की निष्क्रियता भी कार के लिए अच्छी नहीं। बैटरी, टायर, ब्रेक, इंजन और दूसरे सिस्टम को समय-समय पर काम करने का मौका देना जरूरी है। याद रखिए—कार की जिंदगी सिर्फ किलोमीटर से तय नहीं होती, उसकी नियमित देखभाल और सही अंतराल पर इस्तेमाल भी उतना ही महत्वपूर्ण है।





