भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और टेनिस के दिग्गज नोवाक जोकोविच के बीच एक खास समानता बताई है। उनका मानना है कि दोनों महान खिलाड़ी मुश्किल हालात में भी अपना धैर्य नहीं खोते और दबाव के समय शांत रहकर टीम को जीत की राह दिखाने की क्षमता रखते हैं। पहली बार विंबलडन का अनुभव लेने पहुंचीं दीप्ति ने टेनिस और क्रिकेट के इन दो दिग्गजों की मानसिक मजबूती की खुलकर सराहना की।
दबाव के सबसे कठिन पलों में भी शांत रहने की कला ही बनाती है दोनों को महान
दीप्ति शर्मा ने कहा कि नोवाक जोकोविच की सबसे बड़ी ताकत उनकी मानसिक मजबूती और कभी हार न मानने का जज़्बा है। ठीक यही विशेषता महेंद्र सिंह धोनी में भी दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि जब भी मैच में दबाव की स्थिति बनती है, धोनी बिना घबराए बेहद सहज अंदाज में फैसले लेते हैं। उनके चेहरे पर कभी तनाव नहीं दिखता और यही गुण उन्हें दुनिया के सबसे सफल कप्तानों में शामिल करता है। दीप्ति के अनुसार दोनों खिलाड़ियों को देखकर यह सीख मिलती है कि कठिन परिस्थितियों में संयम ही सबसे बड़ी ताकत होता है।
विंबलडन को पहली बार करीब से देखने का सपना आखिरकार हुआ पूरा
दीप्ति शर्मा ने बताया कि विंबलडन में जाकर लाइव मुकाबला देखना उनका वर्षों पुराना सपना था। उन्होंने कहा कि टीवी पर कई बार इस ऐतिहासिक टूर्नामेंट को देखने के बाद जब पहली बार सेंटर कोर्ट का माहौल सामने से देखने का मौका मिला तो वह अनुभव बेहद खास रहा। दर्शकों का उत्साह, खिलाड़ियों का प्रदर्शन और पूरे आयोजन का वातावरण उनकी उम्मीदों से भी बेहतर निकला। उन्होंने इसे अपने खेल जीवन का यादगार अनुभव बताया।
फेडरर और नडाल के बाद अब जोकोविच बने दीप्ति के सबसे पसंदीदा खिलाड़ी
भारतीय ऑलराउंडर ने कहा कि बचपन में वह रोजर फेडरर और राफेल नडाल के मुकाबले बड़े उत्साह से देखा करती थीं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में नोवाक जोकोविच का खेल, संघर्ष और मानसिक दृढ़ता उन्हें सबसे अधिक प्रभावित करने लगी। उन्होंने कहा कि जोकोविच जिस तरह हर चुनौती का सामना करते हैं, वह युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है और इसी कारण अब वह उनके मुकाबले सबसे ज्यादा फॉलो करती हैं।
अगर मौका मिले तो इन तीन भारतीय दिग्गजों के साथ देखेंगी विंबलडन मुकाबला
दीप्ति शर्मा ने बताया कि यदि उन्हें विंबलडन में किसी तीन भारतीय खिलाड़ियों के साथ मैच देखने का अवसर मिले तो वह सचिन तेंदुलकर, रवि शास्त्री और सुनील गावस्कर को अपने साथ ले जाना चाहेंगी। उनके अनुसार ये तीनों खेल जगत के महान नाम हैं और इनके साथ बैठकर टेनिस मैच देखना किसी सीखने वाले अनुभव से कम नहीं होगा। गौरतलब है कि दीप्ति से एक दिन पहले पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज शिखर धवन भी विंबलडन पहुंचे थे और सेंटर कोर्ट पर नजर आए थे।





