मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव का कार्यक्रम निर्वाचन आयोग की ओर से घोषित होने के साथ ही सियासत गरमा गई है। आयोग के अनुसार 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होने के साथ ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। प्रत्याशी 13 जुलाई तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे, 14 जुलाई को जांच होगी और 16 जुलाई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 30 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को कराई जाएगी। कार्यक्रम घोषित होते ही दतिया विधानसभा क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई है। मतदान सभी केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट के माध्यम से कराया जाएगा।
मुख्य तिथियां एक नजर में
| प्रक्रिया | तिथि |
|---|---|
| अधिसूचना जारी | 6 जुलाई 2026 |
| नामांकन की अंतिम तिथि | 13 जुलाई 2026 |
| नामांकन की जांच | 14 जुलाई 2026 |
| नाम वापसी की अंतिम तिथि | 16 जुलाई 2026 |
| मतदान | 30 जुलाई 2026 |
| मतगणना | 3 अगस्त 2026 |
उपचुनाव की घोषणा के साथ ही भाजपा और कांग्रेस ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया कि दतिया में भाजपा की जीत सुनिश्चित है। हालांकि पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी उचित समय पर प्रत्याशी की घोषणा करेगी।
यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया जा रहा है। उन्हें वर्ष 1998 के दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक के कथित एफडी घोटाले से जुड़े मामले में विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने तीन वर्ष के कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। दो वर्ष से अधिक की सजा होने के कारण जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8(3) के तहत उनकी सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई और विधानसभा सचिवालय ने सीट रिक्त घोषित कर निर्वाचन आयोग को सूचना भेज दी। मामले में आरोप था कि बैंक के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर कर एक एफडी की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पंद्रह वर्ष कर दी गई, जिसके आधार पर वर्षों तक ब्याज राशि निकाली जाती रही। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था के ट्रस्टी थे। करीब 28 वर्ष पुराने इस मामले में 1 अप्रैल 2026 को अदालत ने उन्हें दोषी ठहराया और 2 अप्रैल को सजा सुनाई। अपील के लिए 60 दिन की मोहलत दी गई, लेकिन दोषसिद्धि पर रोक नहीं मिलने से उनकी सदस्यता तत्काल समाप्त हो गई।
वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट के लिली थॉमस फैसले के बाद यह कानूनी व्यवस्था लागू है कि किसी सांसद या विधायक को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर उसकी सदस्यता तत्काल समाप्त हो जाती है। सदस्यता की बहाली तभी संभव है, जब उच्च न्यायालय दोषसिद्धि या अयोग्यता पर रोक लगाए। निर्वाचन आयोग ने प्रशासन को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक गतिविधियां होंगी तेज
कार्यक्रम जारी होने के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने की संभावना है। विभिन्न राजनीतिक दल उम्मीदवारों के चयन, चुनाव प्रचार और रणनीति बनाने में जुट जाएंगे। वहीं, संभावित प्रत्याशी भी नामांकन की तैयारियों में लग गए हैं।
आचार संहिता का पालन जरूरी
चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार संबंधित क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी रहेगी। प्रशासन को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और पारदर्शी मतदान सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।





