CJP Protest :अब संसद में इस मुद्दे पर भी चर्चा कराने का जोर , पीडित परिवार आए सामने

पीडित पुलिसकर्मियों के परिवार आए सामने छलका दर्द

Delhi Police in preparation for the New Year major action Operation

देश में हाल ही में हुए कॉकरोच पार्टी के आंदोलन के साइड इफ्केट अभी तक खत्म नहीं हुए। धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सी जेपी ने आंदोलन वापस ले लिया है लेकिन अब प्रर्दशन में ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियो ते परिवार वालों ने सीजेपी की खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। परिवार के लोगों ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि उनके दर्द पर भी संसद में चर्चा होनी चाहिए।

संसद चलो मार्च के दौरान घायल हुए पुलिसकर्मी
20 जुलाई सीजेपी के संसद मार्च के दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों के परिवार के सदस्यों ने दिल्ली में एक प्रेस कांफ्रेस कर अपना दर्द बयां किए। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रेस कांफ्रेस के दौरान उन्होंने मीडिया से अपना दर्द साझा किया। इस कांफ्रेस में शामिल होने वालों में एक एसीपी की पत्नी , एक एसएसआई की पत्नी और गो घाटल पुलिस अधिकारियों के बच्चे शामिल थे। पीडित परिवार ने बताया कि उनके पापा जब घऱ लौटे तो उनकी यूनिफार्म पर खून लगा था।
प्रेस कांफ्रेस में आई कुंजल ने बताया कि जंतर मंतर पर उनके पिता को भीड ने खींच लिया और उनके लींचिग करने की कोशिश की गई।
पुलिस परिवारों का आरोप है कि उस दिन 250 पुलिसक्मी घायल हुए बावजूद इसके लगातार दिल्ली पुलिस को गलत बताया जा रहा है।
संसद में हो बहस पुलिसकर्मियों के पीडित परिवारों को कहना है कि उनके अपनो को गलत बताया जा रहा है जबकि वो सभी अपनी ड्यूटी कर रहे थे। वहा पुसिकर्मियों पर जबरन चप्पल बॉटल गमले, पत्थऱ और डंडे फेके गए। पुलिस परिवारों ने मांग की कि इस मुद्दे पर भी संसद में बहस होनी चाहिए। पुलिसक्मी परिजनों ने सुप्रीम कोर्ट मे भी इस बारे में गुहार याचिका लगाई है।

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