हाल ही में चीन ने वर्ष के पहले सात महीनों के व्यापक आर्थिक आंकड़े जारी किए हैं। इनमें
विनिर्माण, सेवा और विदेशी व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।
इससे चीनी अर्थव्यवस्था के समग्र स्तर पर स्थिर विकास का संकेत मिलता है और
अंतरराष्ट्रीय मीडिया का भी इस पर खास ध्यान गया है। ऐसे समय में, जब विश्व बैंक और
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 2026 के वैश्विक आर्थिक विकास के अनुमान को लगातार 0.1
प्रतिशत अंक घटाया है और भू राजनीतिक संघर्ष तथा ऊर्जा बाजार में उतार चढ़ाव जैसी
चुनौतियों के बीच वैश्विक आर्थिक सुधार की रफ्तार प्रभावित हो रही है, चीनी अर्थव्यवस्था
का प्रदर्शन उसकी मजबूत जीवन्तता को दिखाता है। साथ ही, यह धीमी गति से बढ़ रही
विश्व अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण गति दे रहा है।
इन आंकड़ों का विश्लेषण करने पर चीनी अर्थव्यवस्था की तीन प्रमुख विशेषताएं साफ
दिखाई देती हैं। ये हैं स्थिरता, नवाचार और लचीलापन। पहली विशेषता है मजबूत आधार
और आत्मविश्वास। दुनिया की सबसे पूर्ण औद्योगिक व्यवस्था और विशाल घरेलू बाजार
के सहारे, कुछ क्षेत्रों में गंभीर मौसमी आपदाओं के असर के बावजूद चीनी अर्थव्यवस्था
लगातार आगे बढ़ी है। पहले सात महीनों में निर्धारित मानदंड से ऊपर के औद्योगिक
उद्यमों का मूल्य संवर्धन वर्ष दर वर्ष 5.3 प्रतिशत बढ़ा है। सेवा क्षेत्र की खुदरा बिक्री की
वृद्धि दर वस्तुओं की खुदरा बिक्री से 3.9 प्रतिशत अंक अधिक रही है। उपभोक्ता मूल्य
सूचकांक स्थिर बना हुआ है, जबकि रनमिनबी की विनिमय दर में धीरे धीरे मजबूती आई
है। वहीं, चीन का विदेशी मुद्रा भंडार 34 खरब अमेरिकी डॉलर से ऊपर स्थिर बना हुआ है।
यह मजबूत आर्थिक आधार विदेशी कंपनियों को भी चीन में निवेश के लिए आकर्षित कर
रहा है। नेस्ले ने पिछले चार वर्षों में चीन में 6 अरब युआन से अधिक का नया निवेश किया
है और वह चीनी बाजार के विकास से लगातार जुड़ रही है।
दूसरी विशेषता है नवाचार की तेज होती रफ्तार। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और हरित तथा निम्न
कार्बन वाले क्षेत्रों जैसे नए उद्योग तेजी से विकसित हो रहे हैं। पहले सात महीनों में
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)





