प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु परिवर्तन का असर चीन सहित पूरी दुनिया पर पड़ रहा है।
जबकि सूखा, बाढ़ और भूकंप आदि के कारण जान-माल का भारी नुकसान भी होता है।
इनसे निपटने के लिए विभिन्न देशों की सरकारें व्यापक उपाय कर रही हैं। चीन की बात
करें तो उसने हाल के वर्षों में आपातकालीन प्रबंधन के क्षेत्र में काफी प्रगति हासिल की है।
चीन की महत्वाकांक्षी15वीं पंचवर्षीय योजना में इस पर जोर दिया जा रहा है, जो इस बात
का प्रतीक है कि इस दिशा में गंभीरता से प्रयास हो रहा है।
विशेषज्ञ कहते हैं कि आज चीन सहित समूचे विश्व के सम्मुख ग्लोबल वार्मिंग और अल
नीनो' आदि के कारण तूफान, भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं लगातार बढ़ रही
हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए और भी तेज और व्यापक कदम उठाने की आवश्यकता
है। ऐसे में चीन 15वीं पंचवर्षीय योजना को बहुत महत्वपूर्ण समय मान रहा है। चीन के
संबंधित अधिकारियों का कहना है कि अगले पांच वर्षों में आपातकालीन प्रबंधन व्यवस्था को
बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
चीनी आपात प्रबंधन मंत्रालय के अनुसार, चीन अब आपातकालीन प्रबंधन में रोकथाम पर
अधिक ध्यान केंद्रित करेगा। इसके लिए स्थानीय सरकारी अधिकारियों, कारोबारियों और
श्रमिकों के लिए सुरक्षा प्रशिक्षण को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा उत्पादन सुविधाओं
और निर्माण प्रक्रियाओं में भी सुधार करने पर फोकस किया जाएगा
इसके साथ ही चीन बचाव कर्मियों की क्षमताओं को बढ़ाने और ड्रोन व रोबोट जैसे स्मार्ट
उपकरण विकसित करने में भी अधिक संसाधन लगाएगा। क्योंकि ये उपकरण ऊंचाई वाले
इलाकों, गहरे समुद्र और अन्य मुश्किल और चुनौती वाली परिस्थितियों में काम आएंगे, जहां
इंटरनेट या बिजली की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकती है। ऐसे में चीन प्राकृतिक आपदाओं
से समय पर निपटने के लिए तेजी से काम कर रहा है
चीन के आपातकालीन प्रबंधन मामलों के उप मंत्री सोंग युआनमिंग ने कहा कि 15वीं
पंचवर्षीय योजना के दौरान, चीन जमीनी स्तर पर आपदा रोकथाम और प्रबंधन क्षमताओं को
बेहतर बनाने पर ध्यान देगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आपदा राहत तंत्र को और
अधिक प्रभावी बनाया जाएगा और आपातकालीन आपूर्ति गोदामों के वितरण नेटवर्क में
सुधार किया जाएगा। ताकि आपदा से प्रभावित लोगों को आठ घंटे के भीतर समय पर मदद
मिल सके।इतना ही नहीं चीन में भूकंप और आग से बचाव जैसे कार्यों पर भी काफी ध्यान दिया जा
रहा है। बताया जाता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भूकंप की पूर्व चेतावनी
देने की क्षमताओं को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। वहीं भूकंप के कारणों, भूकंपीय
पैटर्न और उन प्रक्रियाओं पर गहन शोध करने के लिए चीन राष्ट्रीय स्तर की प्रयोगशालाएं
भी स्थापित करने की योजना बना रहा है।
जबकि भूकंप की तैयारियों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए सार्वजनिक शिक्षा
कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। साथ ही, कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे
अपनी रचनाओं, फिल्मों और टीवी कार्यक्रमों में इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी शामिल करें।
एक अधिक स्मार्ट और आधुनिक भूकंप निगरानी और पूर्व चेतावनी प्रणाली भी विकसित की
जाएगी। इसमें उन्नत तकनीकों का उपयोग करके कवरेज का दायरा बढ़ाया जाएगा और
मोबाइल फोन, टीवी, रेडियो प्रसारण और लाउडस्पीकर के माध्यम से अलर्ट भेजे जाएंगे।
चीन द्वारा किए जा रहे उक्त प्रयासों से पता चलता है कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को
कम से कम करने और समय पर लोगों को राहत पहुंचाने के लिए लिए कितनी गंभीरता व
मेहनत से कदम उठाए जा रहे हैं। यह अन्य देशों के लिए सीखने योग्य है, क्योंकि आपदाओं
से हम सभी प्रभावित हैं।
(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)