Gold-Silver Price Crash: धनतेरस से पहले सोने में ₹1,386 और चांदी में ₹4,429 की गिरावट, क्या खरीदारी का आ गया सही मौका?

धनतेरस और दीपावली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई बड़ी गिरावट ने खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। मंगलवार को वायदा बाजार खुलने के बाद शुरुआती एक घंटे में ही दोनों कीमती धातुओं के भाव नीचे आ गए। सुबह 10 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 1,386 रुपये टूटकर 10 ग्राम के भाव 1,38,875 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दूसरी तरफ दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी में 4,429 रुपये की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव घटकर 1,79,200 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। चांदी की कीमत में दो प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखने को मिली। त्योहारों के दौरान सोने-चांदी की खरीदारी करने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह गिरावट महत्वपूर्ण है। हालांकि, बाजार में अभी स्थिरता नहीं है और आने वाले दिनों में कीमतें फिर बदल सकती हैं।

धनतेरस से पहले सोने-चांदी के भाव में बड़ी गिरावट, खरीदारों को मिली राहत की उम्मीद
त्योहारी खरीदारी से पहले कीमती धातुओं में आई गिरावट ने बाजार में नई चर्चा शुरू कर दी है। जो लोग लंबे समय से सोने और चांदी के दाम कम होने का इंतजार कर रहे थे, वे अब बाजार पर नजर बनाए हुए हैं। मंगलवार सुबह 10 बजे तक सोने का भाव 1,38,875 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का भाव 1,79,200 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार घरेलू बाजार में सोने की कीमत निकट भविष्य में 1,36,500 रुपये से 1,41,000 रुपये के बीच रह सकती है। हालांकि, केवल भाव गिरने को खरीदारी का निश्चित संकेत नहीं माना जाना चाहिए।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर टिकी सोने की कीमतों की अगली चाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की दिशा काफी हद तक अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति से प्रभावित हो रही है। अमेरिका में महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और ईरान से जुड़े तनाव ने भी आर्थिक परिस्थितियों को प्रभावित किया है। बाजार को आशंका है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। ऐसी स्थिति में सोने जैसी संपत्तियों पर दबाव बढ़ सकता है। यदि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर होती है, तो निवेशकों का रुझान दूसरे विकल्पों की ओर जा सकता है।

मजबूत अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड से सोने-चांदी की मांग पर पड़ रहा असर
सोने और चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतें अमेरिकी डॉलर में तय होती हैं। डॉलर मजबूत होने पर अन्य देशों के खरीदारों के लिए इन धातुओं की खरीद महंगी हो जाती है, जिससे मांग प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा अमेरिका के 10 साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड पांच प्रतिशत से ऊपर पहुंचने का असर भी बाजार पर दिखाई दे रहा है। बॉन्ड में निवेश करने वालों को नियमित रिटर्न मिलता है, जबकि सोने और चांदी से ब्याज नहीं मिलता। इसी वजह से कुछ निवेशक कीमती धातुओं से पैसा निकालकर बॉन्ड जैसे विकल्पों में लगा रहे हैं।

शेयर बाजार की बिकवाली और मुनाफावसूली ने भी बढ़ाया सोने पर दबाव
शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव का असर सोने और चांदी के कारोबार पर भी पड़ रहा है। खासकर टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के बीच कुछ निवेशक नकदी जुटाने के लिए अपनी कीमती धातुओं की हिस्सेदारी बेच रहे हैं। इसके अलावा इस साल जनवरी में सोने ने 5,595 डॉलर प्रति औंस का रिकॉर्ड स्तर पार किया था। इतनी बड़ी तेजी के बाद कई निवेशक और बड़े फंड मुनाफा निकाल रहे हैं। लगातार बिकवाली से सोने और चांदी के भाव में कमजोरी बढ़ सकती है।

आगे कितने नीचे जा सकते हैं सोने के दाम, निवेश से पहले किन बातों का रखें ध्यान?
एलकेपी सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट और कमोडिटी एंड करेंसी रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, फिलहाल सोने की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। उनके अनुसार घरेलू बाजार में सोना करीब 1,38,300 रुपये और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स गोल्ड करीब 3,900 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले फैसले पर है। जब तक ब्याज दरों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में धनतेरस की खरीदारी करने वाले लोगों को बाजार भाव, मेकिंग चार्ज और स्थानीय करों की जानकारी लेकर ही खरीदारी करनी चाहिए।

 

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