चीन की जवाबी कार्रवाई से अमेरिका को स्पष्ट संकेत
8 अगस्त को चीन सरकार ने अमेरिका के संघीय संचार आयोग और गृह सुरक्षा विभाग की चीन से जुड़ी सिलसिलेवार नकारात्मक कार्रवाइयों के खिलाफ जवाबी कदम उठाने की घोषणा की। चीन का कहना है कि यह कार्रवाई बिना किसी कारण के की गई प्रतिक्रिया नहीं है, बल्कि अमेरिका की ओर से लगातार तय सीमाओं को पार करने का उचित जवाब है। इस कदम के जरिए चीन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है।
पिछले साल बुसान में चीन और अमेरिका के राष्ट्राध्यक्षों के बीच हुई बैठक के बाद भी अमेरिकी पक्ष लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा का विस्तार करते हुए चीन पर दबाव बढ़ाता रहा है। अमेरिका ने उच्च प्रौद्योगिकी उपकरणों के निर्यात पर प्रतिबंधों को लगातार कड़ा किया है। जुलाई के अंत में भी उसने बिना ठोस सबूत के शिनच्यांग से जुड़े आरोपों के आधार पर 40 से अधिक चीनी संस्थाओं को प्रतिबंध सूची में शामिल कर दिया। चीन का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य एकतरफा दबाव बनाकर अपनी मांगें मनवाना है, जो कुछ अमेरिकी राजनेताओं की चीन के विकास को लेकर बढ़ती रणनीतिक चिंता को दर्शाता है।
चीन की इस बार की जवाबी कार्रवाई को सटीक, प्रभावी और सीमित दायरे वाली बताया गया है। चीन ने उन 6 अमेरिकी संस्थाओं के खिलाफ लक्षित कदम उठाए हैं, जिन पर अमेरिका के शिनच्यांग से जुड़े प्रतिबंधों को लागू करने में मदद करने का आरोप है। चीन का कहना है कि यह कार्रवाई उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और विकास हितों की रक्षा के लिए आवश्यक है। साथ ही, कार्रवाई का दायरा नियंत्रित रखा गया है, ताकि चीन अमेरिका संबंधों में स्थिरता और रचनात्मक सहयोग की दिशा बनी रहे। यह एक जिम्मेदार बड़े देश के रूप में चीन के रुख को भी दर्शाता है।
तथ्यों से बार बार साबित हुआ है कि चीन और अमेरिका के बीच सहयोग से दोनों देशों को लाभ होता है, जबकि टकराव से दोनों को नुकसान पहुंचता है। इस साल की पहली छमाही में चीन अमेरिका के बीच माल व्यापार का कुल मूल्य 2 खरब युआन से अधिक रहा। दूसरी तिमाही में इसमें सालाना आधार पर 13.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। चीन में करीब 80 हजार अमेरिकी उद्यम और अमेरिका में लगभग 7 हजार चीनी उद्यम एक दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। यूएस चाइना बिजनेस काउंसिल ने भी “अमेरिकी उद्यम चीन से बाहर निकल रहे हैं” जैसे दावों को खारिज किया है।
इसके अलावा, करीब 200 अमेरिकी एआई स्टार्टअप ने चीन के ओपन सोर्स मॉडल तक पहुंच सीमित करने के सरकारी प्रयासों का विरोध किया है। ये सभी तथ्य बताते हैं कि आर्थिक संबंधों को तोड़ने और आपूर्ति श्रृंखला को अलग करने की कोशिश बाजार के नियमों के खिलाफ है और इससे अंततः अमेरिकी हितों को भी नुकसान हो सकता है।
चीन हमेशा से पारस्परिक सम्मान, शांतिपूर्ण सहअस्तित्व और सहयोग से साझा लाभ के आधार पर चीन अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने की बात करता रहा है। 15वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान भी चीन उच्च स्तर के बाहरी खुलेपन को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ेगा, जिससे अमेरिकी कंपनियों सहित दुनिया भर के उद्यमों को “चीनी अवसर 2.0” से जुड़े नए अवसर मिलेंगे।
हालांकि, चीन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसकी सद्भावना को कमजोरी नहीं समझा जाना चाहिए। अगर अमेरिका दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच बनी सहमतियों का उल्लंघन करते हुए चीन पर दबाव बढ़ाता रहेगा, तो चीन अपने वैध हितों की रक्षा के लिए आगे भी जरूरी जवाबी कदम उठाएगा। चीन के अनुसार, दोनों देशों के लिए सही रास्ता यही है कि वे संवाद और सहयोग की दिशा में आगे बढ़ें। स्थिर चीन अमेरिका संबंध न केवल दोनों देशों के हित में हैं, बल्कि पूरी दुनिया की उम्मीद भी हैं।
(साभार—चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)