26 अगस्त को चीन और नेपाल की सीमा पर भीषण भूस्खलन हुआ। हाल के
दिनों में, नेपाल के भूस्खलन आपदा क्षेत्र में पहुंचे चीनी विशेषज्ञों और बचाव
कर्मियों ने अपने नेपाली समकक्षों के साथ मिलकर काम किया है, कई कठिनाइयों
को पार किया है और ठोस कार्यों के माध्यम से साझा भविष्य समुदाय की भावना
का प्रदर्शन किया है।
29 अगस्त को, खोज और बचाव अभियान में सहायता करने के लिए पांच चीनी
सुरंग बचाव विशेषज्ञ नेपाल पहुंचे। 30 अगस्त को, चीन से राहत सामग्री लेकर
आए दो वाई-20 बड़े परिवहन विमान, चार चीनी सुरंग बचाव विशेषज्ञों के साथ
काठमांडू अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे। 1 सितंबर को, चीन से आपातकालीन
सहायता सामग्री की दूसरी खेप और डीएनए पहचान विशेषज्ञों के पांच दल नेपाल
पहुंचे।
इस भीषण आपदा के समय, चीन और नेपाल एकजुटता दिखाते हुए एक-दूसरे
की कठिनाइयों को दूर करने में मदद कर रहे हैं। नेपाली राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल
ने सोशल मीडिया पर लिखा, "राष्ट्रीय शोक की इस घड़ी में, चीन का समयोचित
समर्थन एक बार फिर हमारे दोनों देशों के बीच अटूट मित्रता को दर्शाता है।"
नेपाल के साप्ताहिक 'पीपुल्स रिव्यू' के प्रधान संपादक पुष्पा राज प्रधान ने कहा,
"मुश्किल समय में साथ देने वाला ही सच्चा दोस्त होता है। सच्ची दोस्ती केवल
कूटनीतिक बयानों में ही नहीं झलकती, बल्कि मुश्किल समय में उठाए गए कदमों
में भी दिखाई देती है।" (साभार—चाइना मीडिया ग्रुप ,पेइचिंग)




