चीन में राष्ट्रीय दिवस की धूम, देश मना रहा है 77वीं वर्षगांठ

चीन आजकल राष्ट्रीय दिवस का जश्न मना रहा है, और चीनी नागरिक देशभक्ति के रंग में डूबे हुए हैं।
इस दौरान पूरे देश में एक सप्ताह से अधिक की छुट्टियां हैं, जिसे गोल्डन वीक भी कहा जाता है। यह
छुट्टियां एक अक्तूबर से शुरू होकर 7 अक्तूबर तक चलती हैं।

चीन लोक गणराज्य यानी कि नया चीन 1 अक्तू 1949 को स्थापित हुआ था। उसी दिन, माओ त्सेतुंग
ने पेइचिंग के ऐतिहासिक थ्येनआनमन चौक से नए चीन की स्थापना की घोषणा की और राष्ट्रीय
ध्वज फहराया। इस तरह सामंती व्यवस्था से छुटकारा पाकर चीन का एक स्वतंत्र और समाजवादी देश
के रूप में गठन हुआ। इस साल चीन लोक गणराज्य की स्थापना की 77वीं वर्षगांठ मनायी जा रही है।
इस अवसर पर सुबह 6 बजे थ्येनआनमन स्क्वायर में झंडा फहराने का महत्वपूर्ण समारोह आयोजित
किया गया। इस खास मौके पर, राष्ट्रीय ध्वज गार्ड थ्येनआनमन गेट टॉवर से मार्च करते हुए आए। यह
दृश्य देश और दुनिया के लोगों को नए चीन की स्थापना की याद दिलाता है। इस समारोह में आम लोग
भी शामिल हो सकते हैं। इस कार्यक्रम का चीन और विश्व के तमाम देशों में टीवी पर प्रसारण भी किया
जाता है।

बता दें कि पेइचिंग की इस जगह पर साल के हर दिन झंडा फहराने का कार्यक्रम होता है। लेकिन 1
अक्तूबर को होने वाले झंडारोहण और कार्यक्रम का विशेष महत्व होता है। यह दिन 'पीपल्स रिपब्लिक
ऑफ़ चाइना' की स्थापना की याद में मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत 1 अक्तूबर 1949 को हुई थी।
उस दिन थ्येनआनमन स्क्वायर में जीत का एक आधिकारिक समारोह आयोजित किया गया था, जहां
माओ त्सेतुंग ने चीन का पहला राष्ट्रीय ध्वज फहराया था।

राष्ट्रीय दिवस के दौरान चीनी लोगों में देशभक्ति की गहरी भावना दिखती है और वे कार्यक्रम के उत्सव
भरे माहौल का आनंद लेते हैं। जबकि विभिन्न गतिविधियों के अलावा आतिशबाज़ी का प्रदर्शन और
पेंटिंग व कैलीग्राफी प्रदर्शनी आयोजित होती है।

गौरतलब है कि नेशनल डे की छुट्टियों पर बड़ी संख्या में लोग घूमने और सैर-सपाटे के लिए निकल
पड़ते हैं और ट्रेनों में लोगों की भारी भीड़ होती है। जबकि सड़क मार्ग और हवाई यात्रा करने वालों की
तादाद लाखों में होती है। इस तरह चीन अपनी आज़ादी का जश्न मनाने के साथ-साथ छुट्टियों के
माहौल में रंगा हुआ है।

बता दें कि वर्ष 1949 से पहले चीन एक गरीब और पिछड़ा हुआ राष्ट्र था। लेकिन नए चीन की
स्थापना के बाद देश ने आत्मनिर्भर बनने के लिए जीतोड़ मेहनत की। साल 1979 में चीनी नेता तंग
श्याओफिंग ने खुले द्वार की नीति लागू करने का फ़ैसला किया। इस नीति के बाद देश ने जबरदस्त

और तेज़ गति से विकास किया। इस तरह चीन विश्व का कारखाना और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
बन गया। वर्तमान में चीन एआई के क्षेत्र में अग्रणी देश बन चुका है, वहीं देश में ह्यूमनॉइड रोबोट के
सफल विकास की हर जगह चर्चा हो रही है।
(अनिल पांडेय, चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

 

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