ग्लोबल मीडिया की नज़र में चीन बन रहा ह्यूमनॉइड रोबोटिक्स का केंद्र

19 से 23 अगस्त तक चीन की राजधानी पेइचिंग के यीच्वांग में 2026 विश्व रोबोट सम्मेलन
आयोजित किया जा रहा है। इस सम्मेलन में 300 से अधिक कंपनियां 3,000 से अधिक उत्पादों के
साथ हिस्सा ले रही हैं, जिनमें 300 से अधिक नए उत्पाद शामिल हैं। पांच दिवसीय इस आयोजन ने
रॉयटर्स, EFE और द इंडिपेंडेंट समेत कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों का ध्यान आकर्षित किया
है। इन मीडिया रिपोर्टों में चीन के रोबोटिक्स उद्योग की तेजी से बढ़ती ताक़त को प्रमुखता से
सामने रखा गया है।

स्पेनिश समाचार एजेंसी EFE (एफे) ने अपनी रिपोर्ट 'चीनी रोबोट प्रदर्शन से व्यावहारिक इस्तेमाल
की ओर' में कहा कि इस साल के सम्मेलन में रोबोट अब केवल प्रदर्शन या तस्वीरों के लिए खड़े
नजर नहीं आ रहे हैं। वे पार्सल छांट रहे हैं, सामान पैक कर रहे हैं, कपड़े मोड़ रहे हैं और कचरा साफ
कर रहे हैं। इसके अलावा, सिम्युलेटेड सुपरमार्केट और यातायात प्रबंधन जैसे परिदृश्यों में भी रोबोट
काम करते दिखाई दे रहे हैं। एफे ने कहा कि चीनी कंपनियां रोबोट को केवल आकर्षण का केंद्र बनाने
के बजाय उन्हें श्रमिक और उपभोक्ता उत्पाद के रूप में विकसित कर रही हैं। सम्मेलन में प्रदर्शित
3,000 से अधिक उत्पादों में व्यावहारिक इस्तेमाल वाले रोबोटों की बड़ी संख्या इसका उदाहरण है।

उधर, ब्रिटिश अख़बार द इंडिपेंडेंट ने अपनी रिपोर्ट में शीर्षक दिया, 'चीन ने विश्व रोबोट सम्मेलन में
सबसे रोमांचक और भविष्य की झलक दिखाने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट प्रदर्शित किए'। रिपोर्ट में
0.85 मीटर लंबी टांगों वाले 'सुपरमैन' रोबोट का भी ज़िक्र किया गया है, जो 2 मीटर ऊंची छलांग
लगा सकता है और 12.66 मीटर प्रति सेकंड की रफ़्तार से दौड़ सकता है। रिपोर्ट में रियलसेंस
कंपनी के मुख्य विपणन अधिकारी माइक नीलसन के हवाले से कहा गया, "चीन ह्यूमनॉइड

रोबोटिक्स का केंद्र बन रहा है।"
वहीं, रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट 'चीनी रोबोट कंपनियां ह्यूमनॉइड रोबोट के व्यावहारिक इस्तेमाल पर
ध्यान दे रही हैं' में बताया कि चीनी कंपनियां रोबोट का इस्तेमाल पार्सल छांटने, पैकेजिंग और घरेलू
कामों में कर रही हैं। इसका मक़सद रोबोटिक्स के तेज़ी से बढ़ते विकास को वास्तविक उत्पादन
क्षमता में बदलना है। रिपोर्ट में वेयरहाउस, ऑटोमोबाइल और मोबाइल फ़ोन कारखानों में रोबोट की
तैनाती का भी ज़िक्र किया गया है। रॉयटर्स के मुताबिक, चीनी कंपनियां तेज़ी से उत्पादों में सुधार
करते हुए रोबोट को प्रयोगशालाओं से निकालकर कारखानों तक पहुंचा रही हैं। रिपोर्ट में इसे सिर्फ़

तकनीकी विकास नहीं, बल्कि वैश्विक रोबोटिक्स प्रतिस्पर्धा में चीन की मज़बूत रणनीतिक स्थिति
के तौर पर भी देखा गया है।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

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